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अपने 250 ‘बच्चों’ संग कंपकंपाती ठंड में सड़क किनारे बैठी है 80 साल की अम्मा!

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नई दिल्ली। दिल्ली की हाड़ कंपकंपा देने वाली ठंड। साकेत के पास धलाओ कॉम्प्लेक्स के करीब 80 साल की एक बुजुर्ग महिला खुले आसमान में कई अवारा कुत्तों को अपने पास बिठाकर आग सेंक रही हैं। पूस की रात वाली सर्दी में जीवन के 80 बसंत देख चुकी इस महिला का दर्द सुनकर आपका कलेजा कांप जाएगा। सिर से झुग्गीनुमा घर एमसीडी के कर्मचारी आकर उखाड़ गए हैं। किसी ने शिकायत कर दी थी कि अवैध कब्जा है। एमसीडी के कर्मचारियों ने कोई दया नहीं दिखाई और झुग्गी तोड़ दी। इलाके में अम्मा के नाम से मशहूर ये बुजुर्ग अपने साथ-साथ 250 कुत्तों का भी आसरा हैं। रात की कड़कड़ाती ठंड में जब शरीर को भेदने वाली हवा चलती है तो ये कुत्ते अम्मा की झुग्गी के पास आकर आग सेंका करते थे। आज वो भी खुले आसमान में बैठे हैं। अम्मा बड़ी कातर दृष्टि से उन बेजुबान जानवरों की तरफ से देखकर खुद की नसीब पर आंसू बहा रही हैं।
झुग्गी के आसपास बिखड़े सामान के साथ अम्मा कुछ लकड़ियों को जलाकर आग सेंक रही हैं। पीवीआर अनुपम के पास मौजूद अम्मा की झुग्गी को एमसीडी वाले ढहा गए हैं। अम्मा का असली नाम प्रतिमा देवी है। वो कहती हैं, ‘उन्होंने मेरा घर ढहा दिया। मैं उनसे विनती की थी कि मुझे थोड़ा वक्त दे दें। लेकिन वे लोग बेदिल लोग थे।’ हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर तुरंत सुनवाई के लिए याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने याचिका की सुनवाई की इजाजत भी दे दी है।
250 अवारा कुत्तों की भी अम्मा हैं देवी
प्रतिमा देवी अपनी झुग्गी के आसपास रहने वाले 250 अवारा कुत्तों को भी पिछले कुछ सालों से खिलाती-पिलाती रहती हैं। अम्मा कहती हैं कि एमसीडी के अधिकारी मंगलवार को भी आए और मुझे ये जगह छोड़ने को कहा। उन्होंने बताया कि एमसीडी के अधिकारी ने मुझे बुधवार तक इस जगह को खाली करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि एमसीडी वाले उनकी कई चीजें भी उठा ले गए। डबडबाई आंखों से अम्मा ने बताया कि पिछले दो दिनों से उनके साथ ये 250 अवारा कुत्ते हैं जिनको वह खाना खिलाती रही हैं।
देवी के बेटे तपन मैती ने आरोप लगाया कि सोमवार को एमसीडी अधिकारियों ने बिना कारण बताए उनकी झुग्गी को ढहा दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि ये जगह मुझे खाली करनी होगी। लेकिन इसके पीछो कोई कारण नहीं बताया। अब हमें ये नहीं सूझ रहा है कि कहां जाएं।
अम्मा भी सूनी आंखों से अपनी बाकी की जिंदगी को लेकर अनिश्चित है। वो कहती हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा है कि अब आगे क्या करूं। हमें एक ऐसे जगह की जरूरत हैं जहां हम इन कुत्तों को भी रख पाए। अगर एमसीडी वाले हमें कुछ समय देते तो हम कहीं शिफ्ट हो जाते लेकिन वो अचानक जेसीबी लाकर हमारे आशियाने के ढहा गए। हालांकि, एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि उनके पास शिकायतें आई थीं। ये कार्रवाई सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने को लेकर था।


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