डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच तेजी से बढ़ते तनाव ने बुधवार देर रात पूरा हवाई माहौल हिला दिया। ईरान ने अचानक अपना एयरस्पेस ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिसके बाद दुनिया भर में दर्जनों विमान अपने रूट बदलने पर मजबूर हुए। यह कदम ऐसे समय आया है जब ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप की चेतावनी दी थी। हालांकि बाद में ट्रंप का रुख थोड़ा नरम दिखा, लेकिन क्षेत्रीय तनाव अभी भी बहुत उबल रहा है।
ईरान ने बुधवार देर रात एक अहम फैसला लेते हुए अपने एयरस्पेस को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित घोषित कर दिया. एफएए (फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ) के नोटिस के मुताबिक एयरस्पेस 10:15 p.m. यूटीसी से 12:30 a.m. यूटीसी तक बंद रहना था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 1:14 a.m. से 3:30 a.m. यूटीसी तक कर दिया गया। इस अचानक फैसले का सबसे पहला असर उड़ानों पर पड़ा। रीयल-टाइम फ्लाइट डेटा दिखा रहा था कि कई विमान ईरान के ऊपर से न होकर उसके चारों ओर चक्कर लगाकर गुजर रहे थे।
किन फ्लाइट्स को छूट मिली
नियम के मुताबिक सिर्फ वही अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटें ईरानी एयरस्पेस से गुजर सकती है, जो तेहरान जा रही थीं या तेहरान से उड़ान भर रही थीं, शर्त यह थी कि उन्हें पहले से ईरान की सिविल एविएशन अथॉरिटी से मंजूरी मिली हो। बाकी अधिकतर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को ईरान के आसमान से बाहर रहना पड़ा।
एयरस्पेस क्यों बंद किया गया
इसका सीधा कारण बढ़ता अमेरिका-ईरान तनाव है। पृष्ठभूमि यह है कि-ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर घातक कार्रवाई हुई। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका हमला करता है तो वह अमेरिकी बेस को निशाना बना सकता है। यानी दोनों देशों के बीच माहौल अचानक बेहद गर्म हो गया, जिसमें एयरस्पेस सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन गया।
ट्रंप का बयान: पहले सख्त, फिर नरम
पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका कार्रवाई कर सकता है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या रुक गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वह “देखेंगे और निगरानी करेंगे” कि आगे क्या होता है.यानी स्थिति अभी भी अनिश्चित है।
एयरलाइंस पर असर: कई देशों ने उड़ानें रद्द कीं
भारत-भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने कहा कि उसकी कुछ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटें एयरस्पेस बंद होने से प्रभावित होंगी। जर्मनी-जर्मन सरकार ने पहले ही एयरलाइंस को ईरानी एयरस्पेस में न जाने की चेतावनी दे दी थी। लुफ्थांसा ग्रुप ने कहा कि वह ईरान और इराक के ऊपर से उड़ान नहीं भरेगा, और कुछ उड़ानें रद्द भी की गई हैं।
क्या माहौल है?
ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी कार्रवाई की चर्चा और ईरान की धमकियों के चलते पूरा मध्य-पूर्व तनाव की आग में है.ऐसे में एयरस्पेस बंद करना सुरक्षा का पहला कदम माना जाता है। हालांकि उड़ानें फिर से खुल गई हैं, लेकिन स्थिति “नॉर्मल” होने में अभी समय लग सकता है।