डेस्क। फेमस एक्टर कमल हासन की बेटी और एक्ट्रेस श्रुति हासन ने अपनी मेहनत से फिल्म इंडस्ट्री में नाम बनाया है। उन्होंने कभी अपने पिता के नाम का सहारा नहीं लिया। श्रुति ने हिंदी, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम किया है और अपनी अलग पहचान बनाई है।
नास्तिक परिवार में पली-बढ़ी
हाल ही में एक बातचीत में श्रुति ने अपने बचपन और परिवार के माहौल के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि वह एक नास्तिक परिवार में पली-बढ़ी हैं। उनके घर में भगवान की पूजा नहीं होती थी और धर्म को लेकर कोई नियम नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनके पिता कमल हासन को धर्म पर बात करना पसंद नहीं है।
भाषा को लेकर मां को रहती थी चिंता
श्रुति ने बताया कि उनके घर में ज़्यादातर हिंदी और इंग्लिश बोली जाती थी। उनकी मां को डर रहता था कि बच्चे तमिल भाषा ठीक से नहीं सीख पाएंगे। इसी वजह से कुछ समय तक उनकी तमिल कमजोर रही। श्रुति ने माना कि इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ने की वजह से आज भी उनकी तमिल उतनी अच्छी नहीं है।
फिल्म सेट पर बीता बचपन
श्रुति ने कहा कि उनका बचपन आम बच्चों जैसा नहीं था। उनके माता-पिता कभी स्कूल नहीं गए थे, इसलिए पढ़ाई को लेकर घर में ज्यादा सख्ती नहीं थी। वह बचपन में फिल्म के सेट पर बड़ी हुईं। वहां उन्होंने कई बड़े कलाकारों को करीब से देखा और अलग-अलग जगह घूमने का मौका मिला।
घर में भगवान की कोई जगह नहीं थी
श्रुति ने साफ कहा कि उनके घर में भगवान नहीं थे और न ही किसी तरह के धार्मिक नियम। मंगलवार को नॉनवेज न खाना जैसी बातें उनके घर में नहीं मानी जाती थीं। उन्होंने कहा कि शायद इसी वजह से उन्हें लगता है कि कला ही उनके लिए भगवान है।
पिता को नहीं पसंद टैटू और ज्योतिष
श्रुति ने बताया कि उनके पिता ज्योतिष जैसी बातों में भरोसा नहीं करते और टैटू भी उन्हें पसंद नहीं हैं। वहीं, खुद श्रुति प्रकृति से जुड़ी मान्यताओं में विश्वास रखती हैं। काम की बात करें तो श्रुति हासन ‘सालार’, ‘गब्बर सिंह’, ‘रेस गुर्रम’, ‘श्रीमान्थुडु’, तमिल फिल्म ‘3’ और हिंदी फिल्म ‘रमैया वस्तावैया’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं।