कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को बड़ा एलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान मार्च 2026 से शुरू करेगी। इस फैसले का फायदा शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, नगर निकाय और पंचायत कर्मचारियों के साथ-साथ अनुदान प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा।
सीएम ममता ने एक्स पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि कर्मचारियों को आरओपीए 2009 के तहत मिलने वाला डीए का बकाया मार्च 2026 से किस्तों में दिया जाएगा। राज्य के वित्त विभाग ने इसके लिए जरूरी अधिसूचना भी जारी कर दी है, जिसमें भुगतान की प्रक्रिया और तरीके की जानकारी दी गई है।
कई वर्षों से कर्मचारी और पेंशनर्स की प्रमुख मांग
यह मुद्दा पिछले कई वर्षों से राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों की प्रमुख मांग रहा है। आरओपीए 2009 यानी वेतन और भत्तों का संशोधन 2009 के तहत कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में संशोधन किया गया था, लेकिन लंबे समय से महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था।
कुछ कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था
इस मामले को लेकर राज्य सरकार के कुछ कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने इस पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 31 मार्च 2026 तक कर्मचारियों को डीए के बकाया का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री का यह एलान ऐसे समय आया है जब राज्य में विधानसभा चुनावों की घोषणा होने वाली है। इससे कुछ समय पहले ही ममता बनर्जी ने पुजारियों और मस्जिदों में अजान देने वाले मुअज्जिनों के मानदेय में भी बढ़ोतरी का एलान किया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले कर्मचारियों और कई समुदायों को साधने के लिए सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है।