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ज्ञानवापी मामला : सुप्रीम कोर्ट ने ‘शिवलिंग’ को संरक्षित रखने का आदेश बरकरार रखा, हिंदू पक्ष को दिया तीन हफ्ते का वक्त

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर वाराणसी में खोजे गए ‘शिवलिंग’ की संरक्षण के मामले में अपने पहले के आदेश को आगे बढ़ा दिया है। अदालत ने कहा कि अगले आदेश तक इसका संरक्षण बढ़ाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष को जवाब देने के लिए तीन हफ्ते का वक्त दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्षों को ज्ञानवापी विवाद पर केस को मजबूत करने के लिए वाराणसी के जिला न्यायाधीश के समक्ष आवेदन करने की अनुमति दी।
इससे पहले सुनवाई में शीर्ष अदालत ने ‘शिवलिंग’ के संरक्षण का आदेश दिया था। आज उसी आदेश को अगले फैसले तक बरकरार रखा गया है। ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग को संरक्षित करने की समयसीमा 12 नवंबर से बढ़ाने की याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला दिया।
हिंदू पक्ष की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन ने गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने शिवलिंग की सुरक्षा के मामले पर आज दोपहर तीन बजे सुनवाई तय की थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले आदेश में वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि मस्जिद के अंदर जिस स्थान पर ‘शिवलिंग’ मिला है, उसे संरक्षित रखा जाए।
इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि इससे मुसलमानों के नमाज अदा करने का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के जिला न्यायाधीश को निर्देश दिया था कि वह मामले को खारिज करने की मांग करने वाली ज्ञानवापी मस्जिद की अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति के आवेदन पर फैसला करें। समिति ने कहा था कि पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम के तहत ज्ञानवापी केस दायर नहीं किया जा सकता।


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