नई दिल्ली। तेलंगाना के मंचेरियल जिले में आवारा कुत्तों की हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, करीब 100 कुत्तों को कथित तौर पर जहर देकर मार दिया गया।
पशु कल्याण कार्यकर्ता ए. गौतम ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि 7 और 8 मार्च की रात के बीच किश्तापुर गांव में करीब 100 आवारा कुत्तों को मार दिया गया।
शिकायतकर्ता गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया में क्रूरता रोकथाम प्रबंधक के रूप में काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किश्तापुर गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव ने दो लोगों को काम पर रखा और कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार डाला। इसके बाद उन्हें नदी के पास दफना दिया गया।
पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर जन्नाराम थाने में सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।
इस साल जनवरी और पिछले साल दिसंबर में भी तेलंगाना के कई जिलों से आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या की घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों में कुल मौतों की संख्या लगभग 1,300 तक पहुंच गई थी। इसके बाद पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की शिकायतों के आधार पर कई सरपंचों, उनके पतियों, ग्राम पंचायत सचिवों और अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।
शक है कि इन हत्याओं को कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों ने करवाया था, जिनमें सरपंच भी शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनाव से पहले गांव वालों से आवारा कुत्तों की समस्या खत्म करने का वादा किया था और उसी को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया।