वाराणसी। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती चर्चा में हैं। यौन शोषण के आरोपों में एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अपने ऊपर लगे आरोपों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कहा?
#WATCH | Varanasi | Swami Avimukteshwaranand Saraswati says, "…The court has its own procedure. The court has registered the complaint and after registering it, they will investigate… We have informed the court that this case is fabricated… The person named Ashutosh (the… pic.twitter.com/o3tdGhhfdH
— ANI (@ANI) February 21, 2026
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों पर कहा, “अदालत की अपनी प्रक्रिया है। अदालत ने शिकायत दर्ज कर ली है और दर्ज करने के बाद वे जांच करेंगे। हमने अदालत को सूचित कर दिया है कि यह मामला फर्जी है। आशुतोष नाम का व्यक्ति (शिकायतकर्ता) उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कंधला पुलिस स्टेशन में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज है। कई लोग खुद पीड़ित हैं और कहते हैं कि उसने (आशुतोष पांडे) उनके खिलाफ भी झूठे मामले दायर किए हैं। हमारे ऊपर जो आरोप लगाया गया है, वह एक ऐसे व्यक्ति के शिष्य द्वारा लगाया गया है जो खुद को जगद्गुरु कहता है। इसका क्या मतलब है? इसका मतलब है कि सनातन धर्म किसी बाहरी से खतरे में नहीं है, बल्कि ये अंदर के ही लोग हैं जो हिंदू धर्म को नष्ट करना चाहते हैं, जो शंकराचार्य नामक संस्था को नष्ट करना चाहते हैं।”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “न्यायालय की प्रक्रिया होती है कि शिकायत दर्ज होने के बाद जांच होती है। जो बनावटी चीज कोर्ट के सामने लाई गई है, उस बनावटी चीज के बारे में हमने कोर्ट को बता दिया है। जो पॉक्सो एक्ट की धारा 22 है, उसमें ये प्रावधान है कि अगर कोई बनावटी केस लेकर आता है, तो आप भी कोर्ट जा सकते हो। इसलिए हम लोग कोर्ट गए हैं। अब जब मामला दर्ज होगा तो ये जांच की जाएगी। इससे पता लग जाएगा कि जो कहानी है, वह सच है या झूठ है।”
शिकायतकर्ता आशुतोष पांडे का भी सामने आया बयान
शिकायतकर्ता आशुतोष पांडे का भी इस मामले में बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “आज अदालत ने अविमुक्तेश्वरानंद और उसके शिष्य मुकुंदानंद जैसे जघन्य अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, और यह आदेश उन नाबालिग बच्चों के लिए जारी किया गया है। पहली नजर में तो हमें न्याय मिल गया है। अविमुक्तेश्वरानंद छोटे बच्चों के साथ अश्लील हरकतें और यौन अपराध करता था। एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ अदालत ने हमारे द्वारा दिए गए सबूतों की जांच का भी आदेश दिया है।