पटना। बिहार की राजनीति में साल 2026 की होली एक बड़े राजनीतिक बदलाव की गवाह बनती नजर आई। गुरुवार शाम तक ऐसी खबरें तेज हो गईं कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar सीएम पद छोड़कर राज्यसभा जाने पर सहमत हो गए हैं। इसके साथ ही उनके बेटे Nishant Kumar की राजनीति में औपचारिक एंट्री का रास्ता भी लगभग साफ हो गया है। चर्चा है कि निशांत कुमार को डिप्टी सीएम के तौर पर राजनीति में उतारा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो बिहार में पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी साफ हो सकता है।
गुरुवार को विधिवत पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे
दरअसल, जेडीयू के कई बड़े नेताओं की लंबे समय से यह कोशिश रही है कि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आएं। पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह, अशोक चौधरी और संजय झा समेत कई नेताओं ने इस दिशा में प्रयास किए थे। अब जानकारी सामने आ रही है कि निशांत कुमार ।
निशांत कुमार अपने शांत और सादगी भरे स्वभाव के लिए जाने जाते हैं
निशांत कुमार अपने शांत और सादगी भरे स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। वे हमेशा से लाइमलाइट से दूर रहे हैं और सार्वजनिक मंचों पर बहुत कम दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री के बेटे होने के बावजूद उन्होंने कभी अपने ऊपर इस पद की हनक नहीं आने दी। जो लोग उन्हें करीब से जानते हैं, उनका कहना है कि निशांत बेहद सरल और सामान्य जीवन जीना पसंद करते हैं।
निशांत कुमार की तस्वीरें भी सार्वजनिक जीवन में बहुत कम देखने को मिलती रही हैं। वे तभी मीडिया के कैमरे में कैद होते हैं जब किसी पारिवारिक समारोह या खास कार्यक्रम में शामिल होते हैं। पिछले कुछ दिनों से ही मीडिया उन्हें लगातार कवर कर पा रहा है। इससे पहले वे हमेशा सरकारी गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर रखते थे।
निशांत ने रांची से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है
पढ़ाई-लिखाई के मामले में भी निशांत कुमार ने अपने पिता का रास्ता ही चुना। उन्होंने Birla Institute of Technology, Mesra, रांची से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। निशांत ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्होंने हमेशा लो-प्रोफाइल जीवन जीना पसंद किया और राजनीति से दूरी बनाए रखी
राजनीतिक दलों के कई नेताओं ने समय-समय पर उन्हें राजनीति में आने की सलाह दी। जेडीयू ही नहीं, बल्कि आरजेडी, बीजेपी, कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने भी उन्हें सार्वजनिक जीवन में आने की बात कही, लेकिन निशांत कुमार ने कभी इस पर खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी। जब भी उनसे राजनीति में आने के बारे में पूछा गया, वे मुस्कुराकर या चुप रहकर बात टाल देते थे।
इस बीच जेडीयू के मंत्री Jama Khan ने बताया कि गुरुवार को निशांत कुमार पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। वहीं विधानसभा सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
अमित शाह भी गुरुवार को पटना पहुंच रहे
जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा जरूर चल रही है, लेकिन अंतिम फैसला वही लेंगे। आज राज्यसभा नामांकन का अंतिम दिन है, इसलिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार एनडीए की ओर से कई प्रमुख नेता नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इनमें बीजेपी के नेता Nitin Nabin, रालोमो के अध्यक्ष Upendra Kushwaha और बीजेपी के Shivesh Ram का नाम भी सामने आ रहा है। जेडीयू की ओर से Ramnath Thakur भी राज्यसभा के लिए नामांकन कर सकते हैं।
इस राजनीतिक हलचल के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी गुरुवार को पटना पहुंच रहे हैं। ऐसे में बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री और नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की खबरों ने राज्य की सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है।