कोलकता। नोयापाड़ा से तीन बार विधायक रहीं मंजू बसु ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में तृणमूল कांग्रेस के धरना मंच पर उन्हें जिस तरह से अपमानित किया गया, उसे वह स्वीकार नहीं कर सकीं।
मंजू बसु के मुताबिक, 6 तारीख को धरना मंच पर उन्हें बुलाकर जिस तरह से व्यवहार किया गया, उससे वह बेहद आहत हुईं। उन्होंने कहा कि वह उस अपमान को शब्दों में बयां नहीं कर सकतीं। इसी घटना के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति छोड़ने का फैसला किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी में रहते हुए उन्होंने हमेशा लोगों की सेवा की और उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत नहीं रही। इसके बावजूद उन्हें मंच से उतारकर अपमानित किया गया।
पति विकास बसु की हत्या का भी जिक्र किया
मंजू बसु ने अपने पति विकास बसु की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर चुनाव से पहले उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि उन्हें सिर्फ राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया गया।
अब मंजू बसु ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आगे किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगी और समाज सेवा के कार्यों में खुद को समर्पित करेंगी।