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पश्चिम एशिया के युद्ध से हम सब मिलकर निपटेंगे, मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने जताया खाड़ी देशों का आभार, बोले- मार्च बड़ा हलचल भरा रहा

नई दिल्ली। पीएम मोदी आज ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड के जरिए लोगों से रूबरू हों रहे हैं। पीएम मोदी इस मौके पर देश के सामने अपने विचार रख रहे हैं। आज सुबह 11 बजे से मन की बात. . .

नई दिल्ली। पीएम मोदी आज ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड के जरिए लोगों से रूबरू हों रहे हैं। पीएम मोदी इस मौके पर देश के सामने अपने विचार रख रहे हैं। आज सुबह 11 बजे से मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि मार्च का महीना संकट भरा रहा है। हमें भरोसा था कि कोरोना संकट से निकलने के बाद दुनिया आगे बढ़ेगी लेकिन अब हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है। खाड़ी देशों में लाखों लोग रहते हैं। मैं गल्फ कंट्रीज का आभारी हूं कि वह लाखों भारतीयों को लगातार मदद दे रहे हैं। यह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का सोर्स है। भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है। यह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं सभी से आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इससे बाहर निकलना है। जो भी लोग इसपर राजनीति कर रहे हैं, इसमें स्वार्थ्य भरी राजनीति करने का कोई स्थान नहीं है। देशवासी जागरूक रहें और अफवाहों के बहकावे में न आएं और सरकारी की एडवाइजरी पर भरोसा करके अपना कदम उठाएं। हम सब मिलकर इस कठिन हालात से बाहर निकल जाएंगे।

पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है

ज्ञान भारतम सर्वे। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद manuscripts यानी पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है। इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम ज्ञान भारतम ऐप है। आपके पास अगर कोई manuscript है, पांडुलिपि है, या उसके बारे में जानकारी है तो उसकी फोटो ज्ञान भारतम ऐप पर जरूर साझा करें। अरूणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग जी ने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं। अमृतसर के भाई अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की हैं। यह हमारी महान सिख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है।

युवा साथी देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए कितना तत्पर

भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। देश के युवा की ताकत जब राष्ट्र निर्माण में जुटती है, तो बड़ी मदद मिलती है। ‘मेरा युवा भारत’ इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। ये संगठन युवाओं को अलग-अलग पॉजिटिव गतिविधियों से जोड़ रहा है। इनसे पता चलता है कि युवा साथी देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए कितना तत्पर हैं। युवाओं ने विभिन्न मुद्दों पर निबंध लिखे हैं और सुझाव दिए हैं। मैं उन सभी युवाओं की सराहना करता हूं जो अपने विचार साझा कर रहे हैं।

टी20 विश्व कप में जीत से पूरे देश में दिखा उत्साह

क्रिकेट फैन्स के लिए यह महीना उत्साह से भर देने वाला था। भारत ने जब टी20 विश्व कप में जीत दर्ज की तो पूरा देश उत्साह से भर गया। जम्मू कश्मीर की क्रिकेट टीम ने भी रण जी को अपने नाम कर लिया। इस टीम ने लंबे समय के बाद अपना पहला रण जी खिताब हासिल किया। टीम के कप्तान पारस डोगरा ने अद्भुत कौशल दिखाया। कश्मीर के युवा गेंदबाज आकिब की भी देश में चर्चा हो रही है, जिन्होंने रण जी में 60 विकेट लिए। जम्मू-कश्मीर के लोग इससे बहुत उत्साहित हैं। वहां के युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह और अधिक बढ़ गया है। आने वाले समय में यह स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने में सहायक होगा। फुटबॉल जैसे खेल भी यहां के युवाओं में काफी लोकप्रिय है। मैं अक्सर कहता हूं जो खेलेगा वह खिलेगा। हमारे देश के युवा उन खेलों को भी अपना रहे हैं जो पहले इतने लोकप्रिय नहीं थे। भारत की नारी शक्ति भी इसमें अहम भूमिका निभा रही है।

अपनी फिटनेस पर ध्यान दें।

मेरा हमेशा से आग्रह रहा है कि आप अपनी फिटनेस पर ध्यान दें। योग दिवस में 100 दिन से भी कम समय रह गया है। युवराज दुआ ने मुझसे आग्रह किया था मैं उनके पिताजी से कहूं कि वह सुगर इनटेक कम करें और मुझे खुशी है कि उन्होंने मेरे आग्रह पर अमल किया। हमें खाने में भी 10 प्रतिशत तेल की कटौती करनी है। इससे आप मोटापे और तमाम बिमारियों से भी दूर रहेंगे।

जल संचय करें, गर्मियों का शुरुआत होने वाली है

देश के कई हिस्सों में गर्मियों का शुरुआत हो गई है। यह समय जल संचय का है। जल संचय अभियान ने पिछले 11 सालों में कई प्रयास किए। इसके तहत तालाबों की सफाई से लेकर अमृत सरोवर बनाने तक कई काम किए गए। जन भागीदारी से जल संरक्षण का काम भी व्यापक हो जाता है। मझुआरे सिर्फ समुद्र के योद्धा नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव भी हैं। मेहनतकश मछुआरों की जीवन अब आसान बनाया जा रहा है। समंदर में उनकी गतिविधियों को मौसम का रुख प्रभावित करता है, इसलिए टेक्नॉलोजी के जरिए भी उनकी मदद की जा रही है।
जब समाज खुद आगे आता है तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन जाते हैं। हाल ही में यूपी के वाराणसी में एक प्रेरक प्रयास देखने को मिला। वहां एक ही घंटे में 2 लाख 51 हजार से अधिक पौधे लगाए गए और नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। इसमें हर वर्ग से लोग जुड़े। जन भागीदारी का यही रूप एक पेड़ के नाम अभियान में भी देखने को मिला।

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