बर्धमान। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पश्चिम बर्धमान के पाण्डवेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, खासकर उन इलाकों में जहां उनकी पार्टी टीएमसी को बढ़त मिलती रही है।
40 प्रतिशत नाम हटाए गए
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पहले 1 करोड़ 20 लाख लोगों के नाम हटाने की बात कही गई थी और पहले ही 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर नाम हटाए गए हैं, वहां सूची तक नहीं लगाई गई और जानकारी छिपाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि 40 प्रतिशत नाम हटाए गए हैं और 60 प्रतिशत नाम रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं और उनकी पार्टी ऐसे लोगों को मुफ्त कानूनी मदद देगी।
संविधान खतरे में
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान खतरे में है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि जिन लोगों के नाम सूची से हटे हैं, उनकी मदद करें और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दें।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में मतदाता सूची का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है और आने वाले समय में इस पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना है। इससे पहले आज यह खबर आई थी कि बशीरहाट में एक ही समुदाय के 300 से ज्यादा लोगों के नाम हटाए गए हैं जिनमें एक बीएलओ का नाम भी शामिल है।