नई दिल्ली। पिछले महीने यूरोपीय संघ के साथ एतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की घोषणा के बाद भारत ने यूरोप के अलग अलगे देशों के साथ कूटनीतिक संवाद तेज कर दिया है ताकि इस समझौते को जल्दी से जमीन पर उतारा जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 18 फरवरी को एक ही दिन में यूरोप के पांच देशों-स्पेन, सर्बिया, एस्टोनिया, फिनलैंड और क्रोएशिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अवसर पर आये इन देशों के प्रमुखों के साथ बैठक में एफटीए के तहत सहयोग पर खास तौर पर बातचीत हुई। एफटीए के बाद यह उच्चस्तरीय संवादों की पहली श्रृंखला है। पीएम मोदी ने बुधवार को भूटान के पीएम शेरिंग तोगबे और कजाखस्तान के पीएम ओल्जास बेक्तेनोव से भी अलग अलग मुलाकात की है।
पीएम मोदी ने स्पेन के राष्ट्रपति से की मुलाकात
एआइ समिट में हिस्सा लेने के लिए दो दर्जन देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति भारत आए हैं। पीएम मोदी इन सभी नेताओं के साथ मुलाकात करने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी की स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज के साथ हुई मुलाकात में रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने वर्ष 2026 को ‘इंडिया-स्पेन ईयर ऑफ कल्चर, टूरिज्म एंड एआई’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जिससे जन-जन के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
फिनलैंड के प्रधानमंत्री से पीएम मोदी की मुलाकात
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत-ईयू एफटीए का स्पेन के साथ आर्थिक साझेदारी पर अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और नए अवसर सृजित होंगे। फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑरपो के साथ विस्तृत चर्चा में 6जी, स्वच्छ ऊर्जा, जैव-ईंधन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
भारत-यूरोप संबंधों में ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ईयू एफटीए के लिए ऑरपो के व्यक्तिगत समर्थन की सराहना करते हुए इसे भारत-यूरोप संबंधों में ‘स्वर्णिम युग’ की शुरुआत बताया। एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस के साथ वार्ता में डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जोर रहा।
एस्टोनिया को टेक और एआई क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के लिए जाना जाता है। दोनों नेताओं ने आर्थिक साझेदारी को नई गति देने और ऊर्जा प्रबंधन, कौशल विकास तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
आईएमईईसी कॉरिडोर के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा
यहां भी भारत-ईयू एफटीए को द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया गया। क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ बैठक में प्रौद्योगिकी, नवाचार, जहाज निर्माण, ब्लू इकोनॉमी और आईएमईईसी कॉरिडोर के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने एफटीए के लिए उनके समर्थन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह समझौता भारत और यूरोप दोनों के नागरिकों के लिए अभूतपूर्व प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सर्बिया के प्रेसिडेंट एलेक्जेंडर वुसिक के साथ मोदी की हुई बैठक में मुख्य तौर पर रक्षा, फर्टिलाइजर उत्पादन जैसे क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई है। पहली बार सर्बिया के साथ रक्षा सहयोग को लेकर इस तरह की व्यापक चर्चा हुई है।