मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान नहीं बल्कि उन्हें मिली हत्या की धमकी है। पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर नवनीत राणा को जान से मारने की धमकी दी है। इस खबर के बाद अमरावती का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
डायल 112 पर आया कॉल
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112 पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने सीधे तौर पर कहा कि वह नवनीत राणा की हत्या कर देगा। धमकी देने वाले ने कहा कि नवनीत राणा का हाल भी बाबा सिद्दीकी जैसा ही करेंगे। इस धमकी के बाद नवनीत राणा के निजी सहायक (PA) सचिन सोनोने ने तुरंत राजापेठ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजापेठ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी सर्विलांस की मदद ली है ताकि उस नंबर और लोकेशन का पता लगाया जा सके जिससे कॉल किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बता दें कि एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा में उनके बेटे व पूर्व विधायक जीशान सिद्दीकी के ऑफिस के बाहर गोली मारकर की गई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ बताया है।
पहले भी मिल चुकी है धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेता को इस तरह की धमकी मिली है। इससे पहले भी उन्हें कई बार निशाना बनाया जा चुका है। पिछले चुनाव प्रचार के दौरान हैदराबाद में दिए गए उनके भाषण के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी। अक्टूबर और नवंबर के महीने में नवनीत राणा को अब्दुल नाम के व्यक्ति से पत्र के जरिए दो बार धमकियां मिली थीं।
भाजपा से निकालने की मांग
हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों में अमरावती में भाजपा और रवि राणा की पार्टी को बड़ी सफलता मिली है। इस जीत के जश्न के बीच ही यह धमकी आई है। गौरतलब है कि अमरावती नगर निगम चुनाव लड़ने वाले भाजपा के 22 उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पूर्व सांसद नवनीत राणा की शिकायत की है।
पत्र में अमरावती से पूर्व लोकसभा सदस्य नवनीत राणा पर पार्टी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगाया गया है और उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की मांग की गई है। इन 22 उम्मीदवारों में से दो उम्मीदवार 15 जनवरी को हुए निकाय चुनावों में जीते हैं, जबकि 20 की हार हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नवनीत राणा ने भाजपा के उम्मीदवारों को डमी करार दिया था और अपने पति रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवारों का भाजपा के असली उम्मीदवार बताया था। निकाय चुनाव से पहले भाजपा और विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी का गठबंधन टूट गया था।