पटना। बजट सत्र के चौथे दिन बिहार विधानसभा में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गुरुवार की सुबह जब कई विधायक विधानसभा परिसर में प्रवेश कर रहे थे, उसी दौरान भवन की छत का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। गनीमत रही कि उस वक्त वहां मौजूद कोई भी विधायक या कर्मचारी मलबे की चपेट में नहीं आया, अन्यथा गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। घटना विधानसभा भवन के पोर्टिको क्षेत्र में हुई, जहां से विधायक और अन्य लोग सदन के भीतर प्रवेश करते हैं। अचानक ऊपर से मलबा गिरने से वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए लोग सहम गए और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उस हिस्से को खाली कराया। इसके बाद संबंधित क्षेत्र को घेरकर आवागमन पर रोक लगा दी गई।
मलबा काफी भारी था
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इस मामले को राष्ट्रीय जनता दल के विधायक कुमार सर्वजीत ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि सुबह कई माननीय सदस्य पोर्टिको में खड़े थे, तभी ऊपर से छत का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरा। उन्होंने बताया कि मलबा काफी भारी था और कुछ ही पल की देरी होती तो कई विधायक इसकी चपेट में आ सकते थे।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
विधायक ने विधानसभा भवन की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या भरोसा किया जा सकता है। विपक्षी सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई और भवन की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।
गौरतलब है कि बजट सत्र से पहले ही विधानसभा भवन का रेनोवेशन कराया गया था, जिस पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। इसके बावजूद छत का हिस्सा गिरना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद प्रशासन और भवन निर्माण विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
फिलहाल संबंधित एजेंसियों को क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच और मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। विधानसभा प्रशासन ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।