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भारतीय कूटनीति की बड़ी जीत : होर्मुज स्‍ट्रेट से फटाफट 22 भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नया कॉरिडोर बना रहा ईरान

तेहरान। ईरान होर्मुज स्ट्रेट से निकलने की कोशिश कर रहे भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बना रहा है। समुद्री डेटा और इंटेलिजेंस कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस (LLI) के मुताबिक ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित मार्ग की अनुमति. . .

तेहरान। ईरान होर्मुज स्ट्रेट से निकलने की कोशिश कर रहे भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बना रहा है। समुद्री डेटा और इंटेलिजेंस कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस (LLI) के मुताबिक ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित मार्ग की अनुमति देने के लिए एक इजाजत देने की प्रक्रिया तैयार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अधिकारी ईरान के साथ सीधी बातचीत कर रहे हैं और कम से कम 22 ऐसे जहाज हैं जिन्हें होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत आना है। इनमें से 20 ऐसे जहाज हैं जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
समुद्री डेटा कंपनी ने बताया है कि 9 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के गलियारे से बाहर निकल चुके हैं। इस बीच द हिंदू की रिपोर्ट में भारत के विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार बिगड़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में दो हफ्ते से ज्यादा समय से फंसे भारतीय जहाज़ों को फिलहाल “वहीं रुके रहने” के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि दक्षिण पार्स में ईरान के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों पर इजरायली हमलों के बाद भारतीय जहाजों और अन्य जहाजों के लिए आगे बढ़ने की प्रक्रिया रोक दी गई है।

भारतीय जहाजों के गुजरने के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बना रहा ईरान

लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के एडिटर-इन-चीफ रिचर्ड मीड ने द हिंदू को बताया है कि ‘ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम का डेटा भले ही कम हो लेकिन यह बताता है कि भारत के LPG कैरियर ने ईरान के लारक द्वीप के चारों तरफ और ईरान के समुद्री क्षेत्र से होकर एक असामान्य रास्ता अपनाया है ताकि IRGC नौसेना और बंदरगाह प्राधिकरण जहाज की पहचान की आंखों देखी पुष्टि कर सकें।’ LLI ने बताया है कि नौ जहाज ईरान के कथित तौर पर सुरक्षित गलियारे से बाहर निकल चुके हैं और कम से कम एक टैंकर को ईरान को 2 मिलियन डॉलर का भुगतान करने के बाद वहां से गुजरने की अनुमति दी गई।
ऐसी संभावना है कि ईरान युद्ध में स्थिति और बिगड़ने के साथ अमेरिका अपने युद्धपोतों को भी इस इलाके में भेज सकता है। दूसरी तरफ द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से टेलीफोन पर बात की थी। इसके बाद 24 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकलने देने को लेकर बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई थी। ईरान ने अभी तक दो भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से निकलने की इजाजत दी है।

ईरान के सुरक्षित कॉरिडोर से निकलने का रास्ता

द हिंदू ने एक सूत्र के हवाले से कहा है कि जिन जहाजों को गुजरने की इजाजत दी गई है उन्हें ‘ईरान के तट के करीब एक खास मार्ग से होकर गुजरने’ के लिए कहा गया है। सुरक्षा विश्लेषकों के मुताबिक यह एक ऐसा कदम है जो ईरान के तटीय सुरक्षा बुनियादी ढांचे को अमेरिका और इजरायल के हमलों से भी बचाएगा। इसके अलावा सूत्रों ने बताया कि ईरानी अधिकारियों ने शुरू में सुझाव दिया था कि भीड़भाड़ वाले समुद्री क्षेत्र में फैले हुए भारतीय जहाज एक-दूसरे के करीब आ जाएं ताकि उन्हें वहां से निकालने में आसानी हो।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य चालू है लेकिन ईरान अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को वहां से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जबकि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोमवार यानि 16 मार्च को CNBC को बताया था कि अमेरिका, ईरानी तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे रहा है। उन्होंने कहा था कि ‘ईरानी जहाज पहले ही बाहर निकल रहे हैं और हमने दुनिया के बाकी हिस्सों को आपूर्ति करने के लिए ऐसा होने दिया है।’

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