नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को फ्री ट्रेड डील (FTA) हो गया है। भारत और यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया।
इस समझौते को अगले साल लागू किए जाने की संभावना है। इस डील के बाद भारत में यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा।
इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है। यूरोपीय देशों की शराब पर अभी 150% टैरिफ लगता है।
इसे घटाकर 20–30% किया जाएगा। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि EU दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक GDP का करीब 25% और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रखते हैं।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने मंगलवार को राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित की।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा हैदराबाद हाउस पहुंचे। उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा का पीएम मोदी ने स्वागत किया। इस दौरान तीनों लीडर दोस्तों की तरह हाथ मिलाते नजर आए।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा का पीएम मोदी ने स्वागत किया। इस दौरान तीनों लीडर दोस्तों की तरह हाथ मिलाते नजर आए।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास से मुलाकात की।
एग्रीमेंट के बड़े ऐलान…
बीयर पर लगने वाला टैक्स घटाकर 50% किया जाएगा
स्पिरिट्स (शराब) पर टैक्स घटाकर 40% किया जाएगा
वाइन पर टैक्स घटाकर 2030% किया जाएगा
मोटर गाड़ियों पर टैक्स 110% से घटाकर 10% किया जाएगा. सालाना 2.5 लाख गाड़ियों की सीमा के साथ
ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और वेजिटेबल ऑयल पर टैक्स पूरी तरह खत्म होगा
फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैक्स खत्म किया जाएगा
लगभग सभी EU के केमिकल प्रोडक्ट्स पर टैक्स हटाया जाएगा
मशीनरी पर लगने वाला 44% तक का टैक्स ज्यादातर खत्म किया जाएगा
केमिकल्स पर लगने वाला 22% तक का टैक्स ज्यादातर खत्म किया जाएगा
फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयों) पर लगने वाला 11% तक का टैक्स ज्यादातर खत्म किया जाएगा
एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट पर लगभग सभी उत्पादों से टैक्स हटाया जाएगा
भारत में EU के 90% से ज्यादा उत्पादों पर टैक्स खत्म या कम किया जाएगा
अगले दो साल में भारत को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने में मदद के लिए EU की तरफ से €500 मिलियन (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) का सहयोग मिलेगा
EU के ट्रेडमार्क, डिज़ाइन, कॉपीराइट और ट्रेड सीक्रेट्स को मजबूत कानूनी सुरक्षा मिलेगी
डिजिटल ट्रेड के लिए एक विशेष चैप्टर होगा ताकि ऑनलाइन कारोबार सुरक्षित, निष्पक्ष और भरोसेमंद बने
फाइनेंशियल और मैरीटाइम सर्विसेज में EU की सर्विस कंपनियों को भारत में विशेष सुविधा (Privileged Access) मिलेगी
बेहतर बाजार पहुंच से नए बिजनेस और रोजगार के अवसर खुलेंगे
छोटे और मझोले उद्योगों (SME) के लिए अलग से एक विशेष चैप्टर होगा
कंपनियों की मदद के लिए SME संपर्क केंद्र (Contact Points) बनाए जाएंगे, जिससे व्यापार आसान हो सके