नई दिल्ली। राज्यसभा में सांसदों की विदाई के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने मजाकिया अंदाज से सबको लोटपोट कर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले पर ऐसी बातें कही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
सदन में क्या बोले खरगे?
सदन को संबोधित करते हुए खरगे ने देवेगौड़ा का जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘मैं देवेगौड़ा को 54 वर्षों से जानता हूं। उनके साथ ही मैंने काम किया, लेकिन क्या हुआ मुझें मालूम नहीं। उन्होंने प्रेम हमारे साथ किया, मोहब्बत हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ कर ली। ये जल्दी ही हुआ कैसे हुआ मुझे मालूम नहीं।’ खरगे की इस बात पर पीएम मोदी सहित पूरा सदन ठहाकों से गुज उठा। इसके बाद उन्होंने रामदास अठावले पर भी मजाकिया अंदाज में निशाना साधा। खरगे ने हंसते हुए कहा कि अठावले अपनी कविताओं में हमेशा पीएम मोदी की तारीफ करते हैं। लगता है कि अठावले को मोदी जी की तारीफ के अलावा कोई और कविता आती ही नहीं है। जिससे सदस्यों के बीच फिर से हंसी की लहर दौड़ गई।
सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों पर कही ये बात
इस सबके बीच खरगे ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि राजनीति या सार्वजनिक जीवन में लोग न तो कभी थकते हैं और न ही सेवानिवृत्त होते हैं। देश सेवा का जुनून पदों से परे हमेशा बना रहता है। खरगे ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोग हमेशा कर्तव्य की भावना से प्रेरित रहते हैं, चाहे उनका कार्यकाल रहे या न रहे।
सांसदों को दी शुभकामनाएं
खरगे खुद भी जून में राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने अप्रैल से जुलाई के बीच सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा एक स्थायी और निरंतर चलने वाला सदन है। यहां हर छह साल में सदस्य चुनकर आते हैं और हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। खरगे ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस सदन में उनका समय बहुत अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों की राजनीति के बाद भी उन्हें यहां बहुत कुछ सीखने को मिला।
शरद पवार के वापस आने पर जताई खुशी
खरगे ने शरद पवार के सदन में वापस आने पर खुशी जताई। साथ ही उन्होंने दिग्विजय सिंह, के.टी.एस. तुलसी और अभिषेक मनु सिंघवी के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने संसदीय चर्चाओं को बहुत बेहतर बनाया है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।