बांग्लादेश। बांग्लादेश में आज (17 फरवर) को नई सरकार का गठन होने जा रहा है। तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने को तैयार हैं। इससे पहले बांग्लादेश में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और वहां की अंतरिम सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया। मोहम्मद यूनुस ने अपने विदाई भाषण में अंतरिम सरकार के 18 महीने के शासन की उपलब्ध्यिों का जिक्र किया। साथ ही वह जाते-जाते भी भारत के खिलाफ जहर उगलते नजर आए। यूनुस ने विदाई भाषण में भारत का नाम नहीं लिया, लेकिन वह ‘सेवन सिस्टर्स’ (भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के सात राज्यों) का जिक्र करते नजर आए। उन्होंने अपने भाषण में नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स को एक साझा क्षेत्र के तौर पर पेश किया।
युनूस ने क्या कहा?
मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश के खुले समुद्र को एक बड़ी रणनीतिक ताकत बताया और इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ने का मुख्य प्रवेश द्वार करार दिया। उन्होंने कहा, “हमारा खुला समुद्र सिर्फ एक भौगोलिक सीमा नहीं है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भागीदारी का खुला दरवाजा है।” उन्होंने कनेक्टिविटी को देश के अगले विकास चरण का केंद्र बताया। यूनुस ने नेपाल, भूटान और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (जिन्हें ‘सेवन सिस्टर्स’ कहा जाता है) के साथ आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि की बहुत बड़ी गुंजाइश है।
यूनुस ने अपने विवादित बयान से क्षेत्र की राजनीतिक और आर्थिक पहचान को अलग ढंग से पेश करने की कोशिश की, जिसका भारत पहले भी विरोध कर चुका है।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
ऐसा पहली बार नहीं, जब यूनुस की ओर से सेसन सिस्टर्स का इस तरह से जिक्र किया गया हो। अप्रैल 2025 में चीन के दौरे के दौरान उन्होंने बीजिंग में भी ऐसा किया था। उस दौरान उन्होंने इसे पूरी तरह से लैंड लॉक्ड (जमीन से घिरा) क्षेत्र बताया। यूनुस ने कहा था, ”भारत के सेवन सिस्टर्स राज्य लैंडलॉक्ड हैं। इनका समंदर से कोई संपर्क नहीं है। इस इलाके के अभिभावक हम हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था के लिए यहां पर्याप्त संभावनाएं हैं। चीन यहां कई चीजें बना सकता है और पूरी दुनिया में आपूर्ति कर सकता है।
बांग्लादेश की संप्रभुता भी पर भी बोले यूनुस
यूनुस ने आखिरी भाषण में यह भी कहा है कि उनके कार्यकाल में बांग्लादेश अब अधीन विदेश नीति वाला या अन्य देशों के निर्देशों और सलाह पर निर्भर देश नहीं है। वे पारस्परिक सम्मान और हितों के आधार पर सभी देशों के साथ रिश्ते बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। माना जा रहा है कि उनका निशाना भारत की ओर था।