सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल के विधायकों पर लगातार हो रहे कथित उत्पीड़न और विधायक विकास निधि यानी एमएलए फंड के उपयोग में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर सिलीगुड़ी के विधायक शंकर घोष ने धरना प्रदर्शन और अनशन शुरू किया है। यह 24 घंटे का अनशन 22 जनवरी सुबह 8 बजे से 23 जनवरी सुबह 8 बजे तक सिलीगुड़ी शहर में नेताजी की प्रतिमा के पाददेश पर आयोजित किया जा रहा है।
प्रशासन विकास कार्यों को जानबूझकर रोक रहा है : घोष
विधायक शंकर घोष का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल के निर्देश पर प्रशासन विकास कार्यों को जानबूझकर रोक रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं करने दिया जा रहा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी सहित विभिन्न सरकारी अधिकारियों पर विपक्षी विधायकों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। अनशन के माध्यम से विधायक ने “पाड़ाय समाधान” परियोजना के तहत हुए कार्यों का पूर्ण और पारदर्शी लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की है।
पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई
साथ ही सिलीगुड़ी शहर में लंबे समय से बनी हुई पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई है। अनशन कार्यक्रम को लेकर स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।