डेस्क। आज साल का पहला सूर्य ग्रहण जारी है। भारतीय समय के अनुसार इस ग्रहण की शुरुआत आज दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से हो चुका है। यह सूर्य ग्रहण शाम 07 बजकर 57 मिनट तक चलेगा। सूर्य ग्रहण के चरम काल के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य ‘रिंग ऑफ फायर’ की तरह दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण कैसे देखना चाहिए?
ज्योतिष के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी सूर्य ग्रहण बेहद महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। इस दौरान लोग इस अद्भुत पल को देखना चाहते हैं, लेकिन इसे प्रत्यक्ष रूप से देखना हानिकारक होता है, इससे आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है। सूर्य ग्रहण को सोलर फिल्टर, सोलर टेलीस्कोप और विशेष प्रकार के कैमरों के माध्यम से ही देखा जाना चाहिए।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
भगवान का नाम जपें करें।
कोई भी नया काम व यात्रा न करें।
ग्रहण के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
ग्रहण के समय भोजन करना वर्जित माना गया है।
लंबी यात्रा करने से बचें।
गर्भवती भूलकर भी सुई से जुड़े काम न करें।
आसमान को देखने की भूल न करें।
घर के दरवाजे और खिड़की बंद रखें।
ग्रहण के समय सोने से बचें।
पूजा-पाठ या मूर्ति स्पर्श न करें।
किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य न करें।
भारत में सूर्य ग्रहण नहीं, क्या ऐसे में शुभ कार्य कर सकते हैं?
जब सूतक काल लगता है तो सूर्य ग्रहण के दिन पूजा, पाठ, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन समेत सभी शुभ संस्कार करने की मनाही होती है। आज का सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है, ऐसे में इसका सूतक काल मान्य नहीं है। इस स्थिति में शुभ कार्य कर सकते हैं, उस पर कोई रोक नहीं है। हालांकि फिर भी ग्रहण वाले दिन मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
इस राशि और नक्षत्र में सूर्य ग्रहण जारी
साल का पहला सूर्य ग्रहण अब जारी है। पंचांग के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है। जिससे सभी 12 राशियों पर कुछ न कुछ प्रभाव जरूर होगा। ग्रहण के दौरान जिन-जिन जगहों पर यह ग्रहण का प्रभाव चल रहा है वहां पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
कहां नजर आएगा सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। लेकिन अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बॉब्वे में देखा जा सकता है।
कुछ ही देर में अपने चरम पर होगा सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से शुरू हो चुका है।
इसका समापन शाम 07 बजकर 57 मिनट पर होगा।
यह सूर्य ग्रहण शनि के स्वामित्व वाली राशि कुंभ में लगेगा।
इस दौरान शाम 5.42 बजे ग्रहण अपने चरम पर होगा।
इसमें सूर्य 'रिंग ऑफ फायर' की तरह दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण ग्रहण का समय
ग्रहण की शुरुआत: दोपहर 03:26 बजे
ग्रहण का मध्यकाल: शाम 05:42 बजे
ग्रहण का समापन: शाम 07:57 बजे
ग्रहण के दौरान न करें ये गलतियां
ग्रहण के दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए, ताकि सूर्य की सीधी किरणों का प्रभाव शरीर पर न पड़े।
मान्यता है कि इस समय, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को, सुई, कैंची या चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।
ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन और पानी में तुलसी के पत्ते डाल देना शुभ माना जाता है, क्योंकि तुलसी को पवित्र माना गया है।
मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या गायत्री मंत्र का जप करना लाभकारी माना जाता है।
किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ग्रहण
सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में घटित होगा। ज्योतिष के अनुसार यह समय थोड़ा संवेदनशील माना जा रहा है। ग्रहण के दौरान कर्क लग्न रहेगा और कई ग्रह अष्टम भाव में एक साथ स्थित होंगे, जिसे सामान्यतः शुभ संकेत नहीं माना जाता। ज्योतिषियों का मानना है कि इसका प्रभाव खासकर पश्चिमी देशों में देखने को मिल सकता है, जहां भारी बारिश, तूफान या प्राकृतिक आपदाओं जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।