मुंबई। घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार को तेज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। बीएसई सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर 475.79 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 83,094.56 के लेवल पर कारोबार करता दिखा। इसी तरह, एनएसई निफ्टी भी 138.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,555.45 के लेवल पर आ गया। शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी पर इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, HUL, कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख गेनर रहे, जबकि ICICI बैंक, TMPV, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सिप्ला, L&T लूज़र रहे। सेंसेक्स की शुरुआत 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 83494 के स्तर पर हुई। जबकि निफ्टी 25600 पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसमें भी 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और सिप्ला में बिकवाली के दबाव का असर दिखा।
ट्रंप की नीतियों का बाजार पर असर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा-आने वाले दिनों में दुनिया भर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव रहेगा क्योंकि बड़े भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक घटनाक्रम का बाजार पर असर दिखेगा। हमें अभी नहीं पता कि ट्रंप की विघटनकारी नीतियां अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक विकास पर कैसे असर डालेंगी। अगर ट्रंप अपनी बात पर कायम रहते हैं और 1 फरवरी को आठ यूरोपीय देशों पर 10 परसेंट टैरिफ लगाते हैं और फिर 1 जून से टैरिफ बढ़ाकर 25 परसेंट कर देते हैं, तो यूरोपीय गुट की जवाबी कार्रवाई लगभग तय है।
एशियाई बाजारों का हाल
सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 0.85 प्रतिशत गिरा और टॉपिक्स 0.46 फीसदी नीचे लुढ़क गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.18 परसेंट बढ़ा, जबकि कोस्डैक 0.15 प्रतिशत तक फिसल गया। वहीं, आस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएस 200 दिन की शुरुआत में 0.19 फीसदी नीचे आ गया।
आईसीआईसीआई : बैंक के शेयरों में 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसका कारण बैंक का समेकित मुनाफा है, जो दिसंबर तिमाही में 2.68 प्रतिशत गिरकर 12,537.98 करोड़ रुपए रह गया। मुनाफे में यह कमी आरबीआई द्वारा अनिवार्य किए गए 1,283 करोड़ के प्रावधान के कारण आई है, जो कृषि ऋणों को गलत तरीके से प्राथमिकता क्षेत्र के अग्रिमों के रूप में वगीर्कृत करने के चलते किया गया था। स्टैंड अलोन आधार पर बैंक का मुनाफा 4 फीसदी से अधिक गिरकर 12,883 करोड़ रुपए रहा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज : कंपनी के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक टूट गए। रिलायंस ने शुक्रवार को अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए थे, जिसमें शुद्ध लाभ लगभग स्थिर रहते हुए 18,645 करोड़ रुपए रहा। गैस उत्पादन में गिरावट और खुदरा कारोबार में कमजोरी ने अन्य क्षेत्रों के मुनाफे की भरपाई कर दी, जिससे कुल लाभ नहीं बढ़ सका।
बिकवाली-ग्लोबल संकेत : घरेलू कारकों के अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों का रवैया भी बाजार पर भारी पड़ रहा है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, एफआईआई ने 4,346.13 करोड़ रुपए की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,935.31 करोड़ की खरीदारी की।