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सबसे बड़ी शिव प्रतिमा के साथ सिलिगुड़ी में बनने जा रहे महाकाल मंदिर के बारे में जाने सब कुछ, मुख्यमंत्री आज करेंगी शिलान्यास

सिलिगुड़ी। उत्तर बंगाल के धार्मिक और पर्यटन मानचित्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सिलिगुड़ी के समीप माटीगाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित भव्य महाकाल मंदिर के शिलान्यास को लेकर अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लगभग 17 एकड़. . .

सिलिगुड़ी। उत्तर बंगाल के धार्मिक और पर्यटन मानचित्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सिलिगुड़ी के समीप माटीगाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित भव्य महाकाल मंदिर के शिलान्यास को लेकर अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लगभग 17 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह मंदिर न केवल एक प्रमुख धार्मिक स्थल होगा, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री आज करेंगी शिलान्यास

आज 16 जनवरी को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उपस्थिति में महाकाल मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा। इस अवसर को लेकर सिलिगुड़ी के मेयर गौतम देव सिलिगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (SJDA), नगर निगम, महकमा प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे ।

प्रशासनिक तैयारियां पूरी

सूत्रों के अनुसार, जिस भूमि पर मंदिर का निर्माण होगा, वह पहले ऊबड़-खाबड़ थी, जिसे अब पूरी तरह समतल कर दिया गया है। भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।है।

विशाल महाकालेश्वर शिव प्रतिमा

राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए लगभग 344 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, मंदिर परिसर में एक विशाल महाकालेश्वर शिव प्रतिमा, भव्य मंदिर भवन, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाएँ , कन्वेंशन सेंटर, पार्किंग व्यवस्था और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

आम जनता के लिए खुला रहेगा कार्यक्रम

महाकाल मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए शिलान्यास कार्यक्रम आम जनता के लिए भी खुला रहेगा। भीड़ नियंत्रण और सुविधा के लिए कार्यक्रम स्थल के बाहर अतिरिक्त एलईडी स्क्रीन और लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे, ताकि दूर खड़े लोग भी मुख्यमंत्री का संबोधन स्पष्ट रूप से सुन सकें।

मंदिर की प्रमुख विशेषताएं

प्रस्तावित महाकाल मंदिर को उत्तर बंगाल के एक भव्य धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

@ स्थान: दार्जिलिंग जिले का माटीगाड़ा

@ 17 एकड़ भूमि पर बनेगा यह मंदिर

@ लगभग 344 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत

@ पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा

@ एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर

@ लगभग 10,000 लोगों की क्षमता वाला विशाल परिसर

@ दार्जिलिंग के महाकाल मंदिर की आध्यात्मिक परंपरा को तराई-डुआर्स क्षेत्र तक विस्तार

@ मंदिर का निर्माण और प्रबंधन एक विशेष ट्रस्ट बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा।

आर्थिक और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

प्रशासन का मानना है कि महाकाल मंदिर के निर्माण से सिलिगुड़ी और आसपास के इलाकों में पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे होटल, परिवहन, छोटे व्यापार और स्थानीय सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। भविष्य में महाकाल मंदिर को केंद्र में रखकर एक धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर विकसित करने की भी योजना है।

यातायात व्यवस्था बनी चुनौती

हालांकि, मंदिर स्थल के पास स्थित माटीगाड़ा का व्यस्त रेलवे फाटक प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। शिलान्यास के दिन यातायात सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। मेयर ने बताया कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद स्थायी समाधान के तौर पर ओवरब्रिज निर्माण पर विचार किया जा रहा है।

नया लैंडमार्क बनेगा महाकाल मंदिर

प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस परियोजना को उत्तर बंगाल विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है। धर्म, संस्कृति, पर्यटन और अर्थव्यवस्था के संगम से यह महाकाल मंदिर सिलिगुड़ी को एक नई पहचान देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि उत्तर बंगाल के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाली ऐतिहासिक पहल है।

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