डेस्क। समय के साथ लोगों की जीवनशैली पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और आधुनिक हो गई है।अब जिन सुविधाओं को लोग सामान्य मानते हैं, वे कभी लग्जरी समझी जाती थीं।
उदाहरण के तौर पर पहले फोन हर घर में नहीं होता था। कई बार पूरे गांव में गिने-चुने घरों में ही फोन मिलता था, जबकि आज लगभग हर व्यक्ति के पास अपना मोबाइल है। इसी तरह मनोरंजन के तौर पर पहले बहुत कम लोग सिनेमा हॉल जाकर फिल्म देखते थे, लेकिन अब हर कुछ महीनों में थिएटर जाना आम बात हो गई है।
जब बात थिएटर की आती है, तो उससे जुड़ी कई दिलचस्प बातें भी सामने आती हैं जिन पर लोग अक्सर ध्यान नहीं देते। आपने गौर किया होगा कि थिएटर का एंट्री एरिया बेहद आकर्षक बनाया जाता है। चारों ओर फिल्मी पोस्टर, रंगीन लाइटें, मजेदार डिजाइन और खाने-पीने की खुशबू माहौल को उत्साह से भर देती है।
यह सब कुछ इस तरह सजाया जाता है कि दर्शकों का ध्यान तुरंत खिंच जाए और उन्हें थिएटर में आते ही खास अनुभव महसूस हो. लेकिन इसी से जुड़ी एक दिलचस्प बात है, जिस पर शायद आपने अब तक गौर नहीं किया होगा।
एग्जिट गेट सुनसान क्यों होता है?
इसके पीछे कुछ व्यावहारिक कारण होते हैं. सबसे पहला कारण यह है कि फिल्म खत्म होते ही दर्शक जल्दी बाहर निकलें ताकि सफाई का काम तुरंत शुरू हो सके और अगला शो समय पर चालू किया जा सके। यदि एग्जिट एरिया भी एंट्री की तरह आकर्षक बनाया जाए, तो लोग वहां रुक सकते हैं, फोटो लेने लगेंगे या समय बिताएंगे, जिससे अगला शो लेट हो सकता है और थिएटर को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दूसरा अहम कारण सुरक्षा से जुड़ा है। एग्जिट गेट को साधारण और खुला इसलिए रखा जाता है ताकि किसी आपात स्थिति में लोग बिना रुकावट के जल्दी बाहर निकल सकें।
अगर वहां सजावट या ध्यान खींचने वाली चीजें होंगी, तो लोग ठहर सकते हैं, जिससे भीड़ बढ़ सकती है। इसके अलावा फिल्म खत्म होने के बाद दर्शक आमतौर पर कुछ खरीदते नहीं हैं, इसलिए वहां अतिरिक्त सजावट या खर्च करना व्यावसायिक रूप से भी फायदेमंद नहीं माना जाता। यही वजह है कि एग्जिट कॉरिडोर को जानबूझकर साधारण रखा जाता है।