नई दिल्ली। आज 8 अप्रैल को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। लेकिन इसके बावजूद भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट से आम लोगों को राहत की उम्मीद जरूर जगी थी, लेकिन अभी तक पेट्रोल पंपों पर इसका असर देखने को नही मिला है।
कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
भारत में ईंधन की कीमतें रोजाना अपडेट होती हैं, जिन्हें तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल तय करती हैं। ये कंपनियां वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर दरों में बदलाव करती हैं। हालांकि, हाल के दिनों में कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आज क्या है पेट्रोल-डीजल की कीमत
आज देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं कोलकाता में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 105.45 रुपये और डीजल की कीमत 92.02 रुपये है। जबकि चेन्नई में 1 लीटर पेट्रोल के दाम 100.80 रुपये और डीजल के दाम 92.39 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
ट्रंप के फैसले से क्रूड ऑयल में गिरावट
अमेरिका केराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को दो हफ्तों के लिए टाल दिया है। साथ ही, उन्होंने एक शर्त के साथ सीजफायर का प्रस्ताव रखा है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से खोले। इस रास्ते से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है, इसलिए इसका खुला रहना बेहद अहम है।
ब्रेंट और WTI में बड़ी गिरावट
इस फैसले के बाद वैश्विक बाजार मेंकच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 17% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड भी लगभग 16% टूटकर 92 डॉलर के स्तर पर आ गया। इससे ऊर्जा सप्लाई को लेकर बनी चिंताएं काफी हद तक कम हुई हैं।
फिर क्यों नहीं घटी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर भारत में तुरंत नहीं दिखता। आमतौर पर इसमें 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक 95 डॉलर से नीचे बनी रहती हैं, तो तेल कंपनियां आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं, जिससे आम जनता को राहत मिल सकती है।