डेस्क। अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। नई जिम्मेदारी के साथ ही उनके नाम नया रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। वो राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम बन गई हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।
इससे पहले पार्टी नेताओं ने सुनेत्रा पवार को अपना नेता चुना और सुनेत्रा ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यसभा के उपाध्यक्ष और अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन को सौंपा. सुनेत्रा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना किया था। इसके बाद राज्यसभा के लिए चुनी गईं।
इससे पहले दोपहर 2 बजे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी। इसमें सुनेत्रा को निर्विरोध विधायक दल का नेता चुना गया। उन्होंने राज्यसभा सांसद पद से भी इस्तीफा दे दिया है।
सुनेत्रा पवार के बारे में जानिए
दिवंगत NCP नेता और उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार की पत्नी। पिता और भाई भी राजनीति से जुड़े। 1983 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। 1985 में अजित से शादी की। 2 बेटे हैं। अब तक राजनीति से ज्यादा सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। गांवों में निर्मलग्राम और ग्राम स्वच्छता अभियान शुरू किए। महिलाओं के लिए बारामती में टेक्सटाइल पार्क बनाया। 2024 लोकसभा चुनाव शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से हारीं। इसके बाद राज्यसभा सदस्य बनीं।
आज दिनभर क्या-क्या हुआ?
शरद पवार के बारामती घर पर सुबह पवार परिवार की बैठक हुई। इसमें सुप्रिया सुले, रोहित पवार, युगेंद्र पवार और शरद गुट के कई नेता शामिल हुए। बैठक से पहले ही सुनेत्रा मुंबई आ गईं। अजित के बेटे पार्थ पवार ने अलग से करीब डेढ़ घंटे तक शरद से मुलाकात की। इस दौरान सुप्रिया सुले भी थीं। मुंबई में अजित के आवास पर सुनील तटकरे, NCP कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल समेत शीर्ष नेता दिनभर बैठकें करते रहे।
सुनेत्रा को 6 महीने में बनना होगा विधायक
सुनेत्रा फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद दोनों में से किसी की भी सदस्य नहीं हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं और संभवत: कुछ मंत्रालयों का जिम्मा भी संभालने जा रही हैं। ऐसे में संविधान कहता है कि उन्हें 6 महीने के भीतर विधानसभा चुनाव जीतना होगा या विधान परिषद (MLC) सदस्य बनना होगा। अगर 6 महीने में वे ऐसा नहीं कर पाती हैं, तो उनका उपमुख्यमंत्री पद अपने आप खत्म हो जाएगा।
विमान हादसे में हुआ अजित का निधन
अजित 28 जनवरी को निजी विमान से मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनके साथ निजी सुरक्षा अधिकारी और पायलट समेत 4 और लोग थे। विमान ने मुंबई से सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी और बारामती में 8:30 पर लैंडिंग का पहला प्रयास किया। तब पायलट ने दृश्यता कम होने के चलते दोबारा उड़ान भर ली। 8:43 पर दोबारा लैंडिंग की अनुमति मिलने के एक मिनट बाद अजित का विमान क्रैश हो गया और सवार सभी लोग मारे गए।