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अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता : ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा, जेडी वेंस भी पहुंचे इस्लामाबाद

डेस्क। अमेरिका के साथ शांति वार्ता में भाग लेने के लिए ईरान का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ के नेतृत्व में और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची. . .

डेस्क। अमेरिका के साथ शांति वार्ता में भाग लेने के लिए ईरान का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ के नेतृत्व में और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची सहित ईरान का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचा। यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ शांति वार्ता में भाग लेने के लिए वहां पहुंचा है। वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपित जेडी वेंस का प्लेन भी इस्लामाबाद लैंड कर चुका है। अब थोड़ी ही देर में ईरान-अमेरिका शांति वार्ता शुरू होगी।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी वायु सेना के नूर खान एयरबेस पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार, नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार अयाज़ सादिक, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने किया।
वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रतिनिधित्व एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल करेगा, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर शामिल होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान शनिवार की सुबह स्थानीय समयानुसार इस्लामाबाद में अपनी पहली बैठक में शामिल होंगे। ईरान के हमले में कतर में अमेरिकी सैन्य बेस को बहुत भारी नुकसान पहुंचा था। कतर ने इस हमले का नया वीडियो जारी किया है। बता दें कि कतर ने मार्च में रास लाफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों से हुए नुकसान को दिखाती हुई नया वीडियो जारी किया है। कतर एनर्जी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी निर्यात केंद्र का हिस्सा होने वाली इस साइट को व्यापक नुकसान पहुंचा है, और कुछ मरम्मत में कई साल लग सकते हैं।

ईरान ने जंग में अमेरिका के सभी महंगे ड्रोनों को बना दिया राख, सामने आई रिपोर्ट

सीबीएस न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार 40 दिनों की जंग में ईरान ने अमेरिका के कई महंगे ड्रोनों के विनाश कर दिया। इसमें 24 एमक्यू-9 रीपर और 25 करोड़ डॉलर का एमक्यू-4सी ट्राइटन शामिल है। ईरान ने इन ड्रोनों को गिराकर अमेरिका के मानव रहित प्रणालियों की उत्तरजीविता और लागत-प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ट्रंप ने दोहराई घिसी पिटी बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ होने वाली आगामी वार्ता में उनका मुख्य ध्यान इस बात पर होगा कि तेहरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के समर्थन के साथ या उसके बिना भी होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जाएगा।

ईरान के प्रतिनिधि पहुंचे, जेडी वैंस का हो रहा इंतजार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिनके दोपहर से पहले पहुंचने की उम्मीद थी। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ के नेतृत्व में ईरानी वार्ताकार शुक्रवार देर रात पहुंचे।

शांति वार्ता से पहले इस्लामाबाद में सन्नाटा पसरा हुआ है

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच हो रही शांति वार्ता को लेकर सन्नाटा पसरा है। वार्ता से पहले सड़कों को सील कर दिया गया है और निवासियों से घरों के अंदर रहने का आग्रह किया, जिससे शहर में कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देशों के बीच का संघर्ष एक “कठिन दौर” में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि दोनों पक्ष अस्थायी विराम से एक स्थायी समाधान की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह “करो या मरो” की स्थिति है।

शांति प्रस्ताव से पहले ईरान ने 10 सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया था

अमेरिका के साथ शांति प्रक्रिया के लिए ईरान की पूर्व शर्तों में लेबनान के खिलाफ इजरायल का आक्रमण रोकना और ईरान की अवरुद्ध संपत्तियों की रिहाई शामिल है। ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने शुक्रवार को इस्लामाबाद वार्ता से पहले यह बात कही। इससे पहले, ईरान ने ट्रंप के ईरान शांति प्रस्ताव के जवाब में 10 सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव में लेबनान सहित सभी प्रकार की आक्रामकता को समाप्त करने की बात कही गई है। ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को “बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार और इन वार्ताओं का मुख्य ढांचा” बताया था।

ईरान ने जताया अविश्वास, अमेरिका ने दी चेतावनी

इस्लामाबाद में महत्वपूर्ण वार्ता शुरू होने से ठीक पहले, ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों की टिप्पणियों से अविश्वास स्पष्ट रूप से झलक रहा था। इस्लामाबाद के लिए रवाना होते समय अमेरिकी वार्ताकार उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा, “यदि ईरानी सद्भावना से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम भी निश्चित रूप से सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।”
इसी तरह की भावना ईरानी प्रतिनिधिमंडल की टिप्पणियों में भी परिलक्षित हुई, जिसमें 70 से अधिक सदस्य थे और जिसका नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ कर रहे थे। यह प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले इस्लामाबाद पहुंचा। पाकिस्तान की राजधानी पहुंचने पर ग़ालिबफ़ ने कहा, “हमारी मंशा अच्छी है, लेकिन हमें भरोसा नहीं है। अमेरिकियों के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा असफलता और टूटे वादों से भरा रहा है।”

शांति वार्ता में पाकिस्तान की तरफ से कौन शामिल होगा

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित हो रही है और पाकिस्तान इस शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस शांति वार्ता में पाकिस्तान के कई प्रमुख अधिकारी भाग लेंगे, जिसमें देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशाक डार दोनों देशों के प्रतिनिधियों से बात करेंगे। इसके साथ ही पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद असीम मलिक के भी इस वार्ता में शामिल होने की जानकारी मिल रही है।

अमेरिका की तरफ से शांति वार्ता में कौन शामिल होगा

वहीं, इस्लामाबाद में ईरान के साथ होने वाली शांति वार्ता में अमेरिका की तरफ से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का नाम शामिल है, जो इस वार्ता का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और पूर्व सलाहकार जारेड कुशनर, पश्चिम एशिया के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वाइस एडमिरल ब्रैड कूपर भी इस शांति वार्ता में शामिल होंगे।

शांति वार्ता में शामिल होने ईरान से कौन कौन पहुंचा, जानें

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता में ईरान की तरफ से छह दिग्गज शामिल होंगे, जिसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस शांति वार्ता का नेतृत्व करेंगे। तो वहीं, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ भी इस वार्ता में शामिल होंगे। दोनों नेता वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच गए हैं, इसकी जानकारी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर दी है।
इन दोनों के अलावा ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीन और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती भी इस बातचीत में शामिल होंगे। ईरान के राजनयिक मजीद तख्त रखांची और सुरक्षा मामलों के जानकार मोहम्मद बागेर जोल्घाद्र भी वार्ता में शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने वेंस को दी शुभकामनाएं, होर्मुज के लिए कही बड़ी बात

ट्रंप ने महत्वपूर्ण वार्ता के लिए राष्ट्रपति के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए रवाना होने से पहले वैंस को दिए अपने विदाई संदेश में कहा,“मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उनके सामने एक बड़ी चुनौती है, हम पता लगाएंगे कि क्या हो रहा है। वे सैन्य रूप से पराजित हो चुके हैं।”
ट्रंप ने ईरानियों का जिक्र करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के जल्द ही खुलने के अपने विश्वास को दोहराया और कहा, अब हम उनके साथ या उनके बिना खाड़ी को खोलेंगे। उन्होंने प्रभावी रूप से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर दिया है।

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