कोलकाता। बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले मंदिर-मस्जिद की राजनीति तेज हो गई है। पिछले महीने TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। वहीं अब नादिया जिले के शांतिपुर में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। वहीं सीएम बनर्जी ने भी दुर्गा आंगन और महाकाल मंदिर का शिलान्यास किया था।
कौन बना रहा मंदिर?
इस मंदिर का निर्माण श्री कृतिवास राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा कराया जा रहा है। रविवार को ट्रस्ट के सदस्यों ने मंदिर निर्माण के लिए भूमि का अंतिम सर्वे किया, जिसके साथ ही परियोजना की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि ट्रस्ट 2017 से इस पर काम कर रहा है। मंदिर 15 बीघा जमीन पर बनाया जाएगा, जो स्थानीय निवासी लितन भट्टाचार्य और पूजा बनर्जी द्वारा दान की गई है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यह मंदिर 2028 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
सांस्कृतिक केंद्र भी होगा
अधिकारियों के मुताबिक राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा। खास तौर पर यह 15वीं सदी के कवि कृतिवास ओझा की परंपरा को समर्पित होगा, जिन्होंने संस्कृत रामायण का बंगाली अनुवाद श्रीराम पंचाली लिखा था। यह ग्रंथ आज भी लगभग हर बंगाली घर में श्रद्धा के साथ पढ़ा जाता है।
क्या है बीजेपी कनेक्शन?
बंगाल के राम मंदिर को लेकर बीजेपी कनेक्शन भी सामने आया है। दरअसल, ट्रस्ट के अध्यक्ष अरिंदम भट्टाचार्य हैं, जो कि बीजेपी के नेता हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि शांतिपुर भक्ति आंदोलन की भूमि रही है। कृतिवास ओझा ने राम को बंगाल की भावनात्मक चेतना से जोड़ा। उनका राम बंगाली संस्कृति के बेहद करीब है, इसलिए उन्हें ‘हारा राम’ भी कहा जाता है। हम 2017 से इस परियोजना पर काम कर रहे हैं।
TMC का हमला, BJP पर लगाए आरोप
इस बीच तृणमूल कांग्रेस नेता जयप्रकाश मजूमदार ने अरिंदम भट्टाचार्य पर तीखा हमला किया। उन्होंने उन्हें “गद्दार” करार देते हुए कहा, “अरिंदम भट्टाचार्य सही व्यक्ति नहीं हैं। वह पहले हमारी पार्टी में थे। राम मंदिर बनाने की उनकी नई योजना पैसा लूटने की एक और कोशिश हो सकती है। बीजेपी कभी भी कृतिवास ओझा के ‘बंगाली राम’ को स्वीकार नहीं कर सकती।”