डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी रविवार को संसद के बजट सत्र के दौरान कृतव्य भवन पहुंचे। वित्त मंत्री आज सुबह 11 बजे लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री सरकार की अनुमानित आय और व्यय का पूरा खाका पेश करेंगी। इसके साथ ही वे वित्तीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 के तहत दो अहम दस्तावेज भी सदन के पटल पर रखेंगी—
सूची के अनुसार, सीतारमण लोकसभा से वित्त विधेयक 2026 को पेश करने की अनुमति भी मांगेंगी और इसे औपचारिक रूप से सदन में प्रस्तुत करेंगी। यह विधेयक बजट में घोषित वित्तीय प्रस्तावों को कानूनी रूप प्रदान करता है।
बजट का अनुमानित आकार 54.1 लाख करोड़ रुपए
सुनिधि सिक्योरिटीज & फाइनेंस लिमिटेड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, FY2026-27 के लिए केंद्रीय बजट का अनुमानित आकार 54.1 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 7.9% की बढ़ोतरी को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल व्यय (TE) का जीडीपी में हिस्सा सरकार की राजकोषीय नीति का सबसे स्पष्ट संकेतक माना जाता है।
FY23 से FY25 के बीच औसतन 14.8% रहने के बाद, FY26 के बजट अनुमान में कुल व्यय जीडीपी का 14.2%, यानी करीब 50.65 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
2025-26 में था 50.65 लाख करोड़ रुपये का बजट
बता दें कि साल 2025-26 के लिए सरकार ने 50.65 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। सुनीधि सिक्योरिटीज एंड फाइनेंस लिमिटेड की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 के लिए, टीई का अनुमान 54.1 ट्रिलियन रुपये हैं, जिसका अर्थ है 7.9 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि होगी। इसमें वित्त वर्ष 2027 में व्यय में कमी आने और जीडीपी के लगभग 13.8 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 संसद में पेश किया था। बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश करना एक स्थापित परंपरा है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने आती है। आर्थिक सर्वेक्षण को भारत की वार्षिक ‘रिपोर्ट कार्ड’ माना जाता है, जो बीते वर्ष की अर्थव्यवस्था का डेटा-आधारित विश्लेषण करता है और भविष्य की नीतियों के लिए दिशा तय करता है।