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आतंकी मसूद अजहर का भाई ताहिर अनवर की मौत, जाने कौन था यह आतंकी, जैश में संभालता था कौन सी कमांड, कैसे हुई मौत ?

इस्लमाबाद। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बड़े भाई ताहिर अनवर की अचानक मौत से पूरे आतंकी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है. ऑपरेशन सिंदूर में अपने परिवार के काफी सदस्यों को खो चुके मसूद अजहर. . .

इस्लमाबाद। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के बड़े भाई ताहिर अनवर की अचानक मौत से पूरे आतंकी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है. ऑपरेशन सिंदूर में अपने परिवार के काफी सदस्यों को खो चुके मसूद अजहर के लिए ये किसी बड़े झटके से कम नहीं है. सोशल मीडिया पर चल रहे कई मैसेजों में ताहिर के इंतकाल की जानकारी साझा की गई थी. हालांकि उसकी मौत कैसे हुई, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है. बहरहाल मसूद के आतंकी किले को संभालने वाला ताहिर कौन था और किन गतिविधियों का मास्टरमाइंड था? आइए आपको बताते हैं.

कौन था ताहिर अनवर आतंकी

आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले मौलाना मसूद अजहर की तरह ही ताहिर अनवर भी न केवल आतंकी गतिविधियों में लिप्त था, बल्कि पर्दे के पीछे रहकर बेहद शातिर तरीके से उन्हें टार्गेट तक पहुंचाने वाला मास्टरमाइंड भी था. कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि ताहिर जैश के तमाम आतंकी मंसूबों का फ्रेमवर्क तैयार करने से लेकर कुख्यात आतंकी मसूद अजहर का प्रमुख सलाहकार और उसकी ताकत भी था.

11 भाई बहनों में था सबसे बड़ा

जानकारी के मुताबिक ताहिर अनवर अपने सभी 11 भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और जैश सरगना मसूद की ताकत था. आतंक की दुनिया में आने से पहला बताया जाता है कि ताहिर पाकिस्तान में ही मुर्गी पालन का काम करता था लेकिन साल 2000 के बाद से वह आंतकी गतिविधियों में लिप्त हो गया.

जैश में संभालता था कौन सी कमांड?

ताहिर पाकिस्तान के जिहादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के फाउंडर सदस्यों में से एक था.उसने अपने छोटे भाई मौलाना मसूद अजहर के साथ मिलकर साल 2000 में आतंकी संगठन की स्थापना की और तभी से वह इस ग्रुप के सैन्य मामलों के प्रमुख के रूप में काम करने लगा. संगठन में आतंकियों की भर्ती से लेकर आतंकियों की ट्रेनिंग और नए ट्रेनिंग कैंप लगाने की पूरी जिम्मेदारी इसी के कंधों पर थी.

कभी नहीं आया फ्रंट पर

जहां आतंकी मसूद अजहर फ्रंट पर खेलता है और पूरी दुनिया में आतंक का आका बना बैठा है, वहीं उसका बड़ा भाई ताहिर कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया. वह पर्दे के पीछे रहकर जैश को पैदा करने से लेकर उसे आतंक का चेहरा बनाने तक में मजबूती से शामिल था. यही वजह है कि ताहिर जैश के नए हेडक्वार्टर ‘मरकज उस्मान ओ अली’ में अपने परिवार के साथ रहता था और दिन-रात इन्हीं गतिविधियों को अंजाम देता था.

भाई मानता था संगठन की रीढ़

आतंकियों को दी जाने वाली ट्रेनिंग में मसूद अजहर ताहिर के साथ शामिल होता था और भाई को संगठन की रीढ़ मानता था. लिहाजा अब ताहिर की मौत से मसूद अजहर का संगठित किला कमजोर हो गया है. इतना ही नहीं ताहिर के बाद खाली हुई जगह को भरने को लेकर भी जैश में जंग छिड़ने की संभावना जताई जा रही है.

इसी ने शुरू की महिला आतंकी विंग

जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश के हेडक्वार्टर से ही ताहिर और मसूद की मौजूदगी में 25 अक्टूबर 2025 को एक खौफनाक आतंकी विंग की शुरुआत हुई थी. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जैश की महिला आतंकी विंग जमात उन मोमिनत यहीं से लांच हुई थी. ताहिर ही इन महिलाओं को आतंकी गतिविधियों में ट्रेंड कर रहा था.

ये थे ताह‍िर के खतरनाक काम

. आतंकी सरगना मौलाना मसूद अजहर का भाई, सलाहकार और राइट हैंड ताह‍िर अनवर ही था.
. जहां मसूद अजहर फ्रंंट पर रहता है तो ताह‍िर अनवर पर्दे के पीछे रहकर आतंकी गत‍िव‍िध‍ियों की प्‍लान‍िंंग से लेकर आतंक‍ियों को ट्रेन‍िंग और फ्रेमवर्क करने वाला मास्‍टरमाइंड था.
. ऑपरेशन स‍िंदूर के बाद इसने जैश के हेडक्‍वार्टर में मह‍िला आतंकी विंग जमात उन मोमिनत की शुरुआत की और इसकी पूरी ज‍िम्‍मेदारी ताह‍िर ही संभाल रहा था.

पाकिस्तानी कह रहे, बेहद नरमदिल और अच्छे इंसान थे..

सोशल मीडिया पर चल रहे मैसेज में पाकिस्तानी ताहिर अनवर की बेहद तारीफ कर रहे हैं. कई मैसेजों में कहा गया है, ‘उनके जनाजे की नमाज आज रात 10:30 बजे जामिया उस्मान व अली, हेवी इंडस्ट्रीज रोड, रेलवे स्टेशन बहावलपुर के पास अदा की जाएगी. हकीम साहब बेहद नरम दिल और अच्छे इंसान थे. अल्लाह तआला उनकी पूरी तरह से मगफिरत फरमाए.

पिछले साल मारे गए थे सगे संबंधी, अब भाई

मसूद अजहर के लिए ये बड़ा झटका इसलिए भी है क्योंकि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 5-6 मई की रात को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मसूद के परिवार के कई सदस्यों का सफाया हो गया था. इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे. वहीं बहावलपुर में जैश के हेडक्वार्टर पर हुए भारतीय सेना के हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य ढेर हो गए थे.

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