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ईरान-इजरायल युद्ध का असर : आपके घर तक, कुकिंग ऑयल से लेकर खजूर-बादाम-पिस्ता तक सब होने लगा महंगा

नई दिल्ली। ईरान-इजरायल युद्ध के शुरू होने से सिर्फ खाड़ी देश ही परेशान नहीं है। इसकी तपिश भारत के घरों तक भी पहुंचने वाली है। जी हां, देश भर के बाजारों में खाना पकाने का तेल से लेकर खजूर, बादाम,. . .

नई दिल्ली। ईरान-इजरायल युद्ध के शुरू होने से सिर्फ खाड़ी देश ही परेशान नहीं है। इसकी तपिश भारत के घरों तक भी पहुंचने वाली है। जी हां, देश भर के बाजारों में खाना पकाने का तेल से लेकर खजूर, बादाम, पिस्ता, अंजीर आदि महंगे होने शुरू हो गए हैं। रमजान के दिनों में खजूर महंगा होने से रोजा रखने वालों को कुछ ज्यादा ही दिक्कत होगी।

तनाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर

अपने यहां कुकिंग ऑयल की रिफाइनिंग और पैकिंग करने वाली कंपनियों के संगठन इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स’ एसोसिएशन (Indian Vegetable Oil Producers’ Association) के अध्यक्ष और इमामी एग्रोटेक (Emami Agritech) के सीईओ, सुधाकर देसाई इससे बहुत चिंतित दिखते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी तरह के तनाव या उसके बढ़ने का भारत क्रूड ऑयल और कुकिंग ऑयल के बाजारों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल और तमाम फॉसिल फ्यूल महंगा होता है। इससे सभी चीजों की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ जाती है। इसके अलावा, इससे समुद्री जहाजों के बीमा जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी तरह के तनाव या उसके बढ़ने का भारत क्रूड ऑयल और कुकिंग ऑयल के बाजारों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल-डीजल और तमाम फॉसिल फ्यूल महंगा होता है। इससे सभी चीजों की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ जाती है। इसके अलावा, इससे समुद्री जहाजों के बीमा जोखिम भी बढ़ सकते हैं।

आयात पर है निर्भरता

आपको पता ही होगा कि खाद्य तेलों के मामले में भारत की आयात पर भारी निर्भरता है। सुधाकर देसाई का कहना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में होने वाले ऐसे व्यवधानों का असर खाद्य तेलों की घरेलू कीमतों पर पड़ना तय था। यह दिखने लगा है। क्योंकि सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के लिए, लाल सागर क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी किसी भी समस्या खासतौर पर काला सागर क्षेत्र से आने वाली सप्लाई में व्यवधान पैदा करती है। ऊपर से डॉलर के मुकाबले रुपया के कमजोर पड़ने से भी भारत में आयातित कुकिंग ऑयल महंगे पड़ रहे हैं।

दिल्ली में बढ़ गए दाम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के थोक बाजार में सोमवार और मंगलवार के बीच कुकिंग ऑयल, सूखे मेवे आदि की कीमतों में 10% तक की तेजी दर्ज की गई। कारोबारियों का कहना है कि युद्ध की वजह से सप्लाई रुकने और कीमतें बढ़ने के डर से लोग ज्यादा तेल खरीद रहे हैं। थोक बाजार में आए इस बदलाव का असर आम लोगों के लिए रिटेल कीमतों पर दिखने में अभी कुछ हफ्ते लगेंगे।

रमजान में महंगे हुए खजूर

इस समय रमजान का पवित्र महीना चल रहा है। ऐसे में खाड़ी देशों में युद्ध शुरू हो गया। अपने यहां अधिकतर खजूर खाड़ी देशों से ही आता है। इसलिए दिल्ली के बाजार में खजूर की कीमतें 10 से 20% तक बढ़ गई हैं। कारोबारी बताते हैं कि ईरान, अफगानिस्तान और यूएई जैसे ट्रेडिंग सेंटर्स से सप्लाई में दिक्कत आने की वजह से लोकल मार्केट में खजूर की कमी हो गई है।

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