नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरे आखिरकार शनिवार को सुरक्षित भारत लौट आए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते भारत लाया गया है। शनिवार शाम को इन मछुआरों का विमान चेन्नई एयरपोर्ट पर उतरा। ईरान में यह मछुआरे किन परिस्थितियों में फंसे थे, इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन पश्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा समय से जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत सरकार इनके रेस्क्यू में जुटी हुई थी।
विदेश मंत्री ने जताया आभार
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और वहां की सरकार का सोशल मीडिया के जरिए विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा कि ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारतीय मछुआरों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जब से पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक 1500 से ज्यादा भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित तरीके से ईरान की सीमा पार कर चुके हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरे क्षेत्र के हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है।
अबू धाबी में 5 भारतीय घायल
इसी सरकारी बयान में अबू धाबी में हुए एक हमले का भी जिक्र किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अबू धाबी में एक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया था, लेकिन उसके मलबे की चपेट में आने से 5 भारतीय नागरिक घायल हो गए थे। राहत की बात यह है कि इनमें से 4 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि एक का इलाज अभी चल रहा है। अबू धाबी में मौजूद भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ितों की हर संभव मदद कर रहा है।