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उत्तर बंगाल से ममता बनर्जी का भाजपा पर तीखा हमला, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर घेरा, पूछा- आखिर जनता कहां जाए ?

सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। उत्तर बंगाल में आयोजित एक जनसभा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों. . .

सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। उत्तर बंगाल में आयोजित एक जनसभा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर निशाना साधा। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “यह शर्म की बात है, आखिर जनता कहां जाए?”

सानों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया

ममता बनर्जी ने अपने भाषण में किसानों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आलू किसानों के नुकसान और कृषि बीमा की समस्याओं को लेकर केंद्र पर हमला बोला। आज से उन्होंने उत्तर बंगाल में अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की है, जहां वह तीन सभाएं करेंगी।

प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी वहां नंदीग्राम को संबोधित करेंगे

इसी बीच पूर्व मिदनापुर के नंदीग्राम में भी राजनीतिक हलचल तेज है। भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी वहां जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर के समर्थन में अभिषेक बनर्जी भी रैली करेंगे।

नितिन नवीन ने दक्षिणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना

दूसरी ओर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दक्षिणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ शमिक भट्टाचार्य और लॉकेट चटर्जी भी मौजूद थे। पूजा के बाद उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की संस्कृति पूरे देश को जोड़ने का काम करती रही है, लेकिन अब वह कहीं न कहीं कमजोर होती दिख रही है। तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मंदिर में पूजा करने के लिए भी हाई कोर्ट की अनुमति लेनी पड़ती है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

वहीं, बांकाुरा जिले के सोनामुखी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को झटका लगा है। भाजपा युवा मोर्चा के एक बूथ अध्यक्ष सहित लगभग 30 परिवारों ने पार्टी छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। भाजपा उम्मीदवार दिवाकर घरामी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तृणमूल अपने ही कार्यकर्ताओं के जरिए राजनीतिक नाटक कर रही है। हालांकि, पार्टी बदलने वाले लोगों का कहना है कि वे राज्य के विकास कार्यों में भागीदारी के लिए तृणमूल में शामिल हुए हैं।
गौरतलब है कि राज्य में चुनाव दो चरणों में होने वाले हैं—23 अप्रैल और 29 अप्रैल। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। तृणमूल कांग्रेस ने 291 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, जबकि भाजपा ने भी अधिकांश सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। वाम दल और अन्य क्षेत्रीय पार्टियां भी चुनावी मैदान में सक्रिय हैं, हालांकि कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। चुनाव नजदीक आते ही राज्य में आरोप-प्रत्यारोप और जनसभाओं का दौर और तेज होने की संभावना है।

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