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एयरबस ए-320 विमानों में सोलर रेडिएशन का खतरा : भारत में इंडिगो-एअर इंडिया की करीब 250 उड़ानों पर असर, 6000 विमान वापस बुलाएगी कंपनी !

पेरिस। यूरोप की विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि वह अपने ए320 बेड़े के विमानों को वापस बुला रही है। दरअसल विमानों में सॉफ्टवेयर बदलाव के चलते कंपनी ने यह फैसला किया है।. . .

पेरिस। यूरोप की विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि वह अपने ए320 बेड़े के विमानों को वापस बुला रही है। दरअसल विमानों में सॉफ्टवेयर बदलाव के चलते कंपनी ने यह फैसला किया है। हालांकि कंपनी के इस फैसले का असर पूरी दुनिया पर होगा और हवाई यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है।

6000 विमान वापस बुलाएगी कंपनी

एयरबस के मौजूदा समय में करीब 11,300 ए320 विमान संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कंपनी करीब 6000 ए320 परिवार के विमानों को रिकॉल कर रही है। यह पूरी दुनिया के विमानों के बेड़े की करीब आधी संख्या है। अब जब क्रिसमस के आसपास हवाई यातायात बढ़ जाता है, तो उस समय एयरबस का अपने विमानों को वापस बुलाना पूरी दुनिया में हवाई यातायात को प्रभावित करेगा। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एयरबस के 55 साल के इतिहास में इसे सबसे बड़ा रिकॉल बताया जा रहा है। इस समय एयरबस के ए320 विमान दुनियाभर की एयरलाइंस द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। स्थिति ये है कि जब कंपनी ने विमानों को वापस बुलाने का बयान जारी किया, उस वक्त दुनियाभर के 350 से ज्यादा ऑपरेटर्स के 3000 ए320 विमान उड़ान भर रहे थे।
विमानों में सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जाना है, जो बहुत ज्यादा मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसके लिए विमानों को रिपेयर सेंटर में रिपोजिशन करके की जरूरत होगी जिसमें हर विमान में कम से कम दो घंटे का समय लग सकता है। अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, चीन, यूरोप, भारत और न्यूजीलैंड समेत दुनिया के कई देशों में इसके चलते उड़ान सेवाएं बाधित हो सकती हैं या उनमें देरी हो सकती है।

अमेरिका और चीन की एयरलाइंस बड़े पैमाने पर ए320 विमानों का इस्तेमाल करती हैं

एयरबस पहले ही बड़े पैमाने पर विमानों की मरम्मत कर रही है, जिससे उसका मेंटिनेंस विभाग पहले ही दबाव में है। साथ ही कंपनी के पास कर्मचारियों की भी कमी है। यही वजह है कि हवाई यातायात के सामान्य होने में लंबा वक्त लग सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी अमेरिकन एयरलाइंस के पास ए320 बेड़े के विमानों की संख्या सबसे ज्यादा है। अमेरिकन एयरलाइंस अभी ए319 मॉडल के 129 विमानों, ए320 मॉडल के 47 विमानों और ए321 मॉडल के 299 विमानों का संचालन करती है। इस तरह कंपनी के पास ए320 फैमिली के 475 विमान हैं। भारत की इंडिगो एयरलाइंस के पास 312 विमान हैं।

एअर इंडिया ने कहा- हमारे इंजीनियर चौबीसों घंटे काम कर रहे

एअर इंडिया ने भी बयान जारी कर कहा कि ‘एअर इंडिया में सुरक्षा सबसे जरूरी है। दुनिया भर में A320 वर्ग के विमानों में जरूरी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रीअलाइनमेंट के लिए EASA और एयरबस के निर्देशों के बाद, हमारे इंजीनियर इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। हमने अपने 40% से ज़्यादा विमानों की मरम्मत का काम पहले ही पूरा कर लिया है। हमें भरोसा है कि EASA द्वारा तय समयसीमा के अंदर पूरे बेड़े को कवर कर लेंगे। एअर इंडिया पुष्टि करती है कि इस काम की वजह से कोई उड़ान रद्द नहीं हुई है और हमारे पूरे नेटवर्क में शेड्यूल पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। हालांकि, हमारी कुछ फ़्लाइट्स थोड़ी लेट हो सकती हैं या रीशेड्यूल हो सकती हैं। जमीन पर हमारे कर्मचारी साथी यात्रियों की मदद के लिए मौजूद हैं।’

डीजीसीए ने जारी किया नोटिफिकेशन

नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) ने भी एयरबस A318, A319, A320 और A321 विमानों के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश जारी किया है। नोटिफिकेशन में लिखा है, ‘यह पक्का किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति ऐसे उत्पाद को संचालित न करे जो जरूरी मॉडिफिकेशन के तहत आते हैं।’

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