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एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटेंगे एक करोड़ नाम, शुभेंदु ने जताया अनुमान, टीएमसी पर लगाया ओटीपी शेयर कर फर्जी नामांकन का आरोप

कोलकाता । विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर ) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से एक करोड़ नाम हटाए जा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल. . .

कोलकाता । विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर ) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से एक करोड़ नाम हटाए जा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर ओटीपी (OTP ) साझा कर फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया है।

शनिवार को सिलिगुड़ी रवाना होने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “कौन क्या कर रहा है, बीजेपी सब जानती है। किसके साथ ओटीपी शेयर किया गया, डेटा एंट्री कैसे हुई, कितने मृत मतदाता हैं, कितने बांग्लादेशी हैं और कितने फर्जी नाम जोड़े गए, बीजेपी सबकी जानकारी रखती है। एक-एक कर सब हटाया जाएगा। यह तो बस शुरुआत है। यह दो महीने की लड़ाई है, चिंता की कोई बात नहीं।”

एसआईआर शुरू होते ही आरोपों की बौछार

एसआईआर प्रक्रिया शुरू होते ही कोलकाता पुर निगम की ओर से विशेष कैंप लगाकर जन्म प्रमाणपत्र बांटने के आरोप सामने आए हैं। इस पर शुभेंदु ने कहा, “कुछ भी करने से फायदा नहीं। चुनाव आयोग ने स्पेशल ऑब्ज़र्वर नियुक्त कर दिए हैं। किसी भी तरह की गड़बड़ी पकड़ में आ जाएगी।”
राज्य के CEO दफ़्तर को स्थानांतरित किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा किया गया। चुनाव आयोग को ममता बनर्जी की काबू में चलने वाली पुलिस के दायरे से बाहर निकाले बिना पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं।”

वक्फ कानून पर तीखी प्रतिक्रिया

लंबे विरोध के बाद राज्य सरकार ने संशोधित वक्फ कानून को लागू करने की घोषणा की है। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मालदा और मुर्शिदाबाद के दौरे पर जा रही हैं, वही दो जिले जहाँ वक्फ आंदोलन को लेकर हिंसा भड़की थी। मुर्शिदाबाद के मोथाबाड़ी में दुकानों में आगजनी, लूटपाट और एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या की घटनाएँ हुई थीं।
इस मुद्दे पर शुभेंदु ने कहा, “मुख्यमंत्री को वहाँ जाकर लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए। उनकी उकसावे की राजनीति के कारण मोथाबाड़ी में 68 दुकानों में आगजनी और लूटपाट हुई। मुझे हाई कोर्ट के आदेश के साथ वहाँ जाना पड़ा। मुख्यमंत्री के कारण धुलियन और साम्शेरगंज में भी लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा।”

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