जयपुर। पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज पर दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगने से हड़कंप मच गया है। राजस्थान की एक युवती ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई है और धमकाने का आरोप भी लगाया है। आरोपों के बीच जबलपुर में उनकी श्रीमद् भागवत कथा जारी रही, जबकि देर रात आश्रम से उनके अचानक गायब होने की चर्चा तेज हो गई। समर्थकों ने इन आरोपों को साजिश बताया है और राजनीतिक एंगल की बात कही है।अब स्वामी महाराज ने कानूनी तरीके से अपना पक्ष रखने की बात कही है और मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर पर गंभीर आरोप
पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर और चर्चित कथावाचक उत्तम स्वामी महाराज उर्फ ईश्वरानंद महाराज पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। राजस्थान की एक युवती ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। 12 फरवरी को भेजी गई इस शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि उसके साथ गलत काम हुआ और शिकायत करने के बाद से उसे धमकियां मिल रही हैं। युवती का कहना है कि स्वामी जी के कुछ समर्थक उस पर दबाव बना रहे हैं कि वह शिकायत वापस ले ले. इस दावे के सामने आते ही मामला अचानक सुर्खियों में आ गया।
कथा जारी, लेकिन सवाल भी जारी
इन आरोपों के बीच जबलपुर के सहजपुर हीरापुर बंधा में स्वामी जी की श्रीमद् भागवत कथा चल रही है। वे खुद मंच से भक्तों को कथा सुना रहे थे। शुक्रवार को दिन भर वे कथा स्थल पर बने आश्रम में मौजूद रहे। हालांकि उनके शिष्यों ने मीडिया से कहा कि स्वामी जी की तबीयत ठीक नहीं है। इसी दौरान देर रात यह चर्चा भी फैल गई कि स्वामी महाराज अचानक आश्रम से कहीं चले गए हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
समर्थकों का दावा “ये साजिश है”
कथास्थल पर मौजूद भक्तों से जब आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया तो कई लोगों ने इसे साजिश बताया। उनका कहना है कि अगर इतने सालों से कुछ गलत हो रहा था तो अब शिकायत क्यों? कुछ समर्थकों ने तो यहां तक कह दिया कि स्वामी जी को बदनाम करने के लिए राजनीतिक साजिश रची जा रही है। एक भक्त ने कांग्रेस पर भी आरोप लगा दिया, हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
कानूनी लड़ाई की तैयारी
स्वामी महाराज की ओर से कहा गया है कि वे अपने वकीलों के जरिए उचित मंच पर अपना पक्ष रखेंगे. फिलहाल पुलिस या प्रशासन की तरफ से इस मामले में सार्वजनिक रूप से ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि स्वामी महाराज के कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी उनके शिष्य बताए जाते हैं और वे लंबे समय से धार्मिक प्रवचन करते आ रहे हैं. ऐसे में इस पूरे मामले ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।