डेस्क। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’ के लगाए गए दावे के बाद सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में तरुण गोगोई ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सरमा के प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘सुपर फ्लॉप’ करार दिया है।
‘X’ पर किए गए पोस्ट में कांग्रेस सांसद ने लिखा, “मुझे दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर दया आती है, जिन्हें सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस झेलनी पड़ी। यह सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर थी। स्वघोषित राजनीतिक चतुर मुख्यमंत्री द्वारा बेहद बेतुके और फर्जी तर्क दिए गए। यह ‘सुपर फ्लॉप’ शो हमारी ‘समय परिवर्तन यात्रा’ के बिल्कुल विपरीत है, जो मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कब्जा की गई 12,000 बीघा जमीन को उजागर करने में सफल रही है।”
हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की पत्नी को लेकर कही ये बात
इससे पहले आज (रविवार) सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई के पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के साथ कथित संबंधों को लेकर उन पर तीखा हमला किया।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के काल में, यूपीए के दौर में, अली तौकीर शेख को 13 बार भारत आने की अनुमति दी गई। उसने सभी मंचों पर भारत की आलोचना की, लेकिन फिर भी उसे अनुमति मिली। ये सभी दौरे तब हुए जब डॉ मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे। एलिजाबेथ और गौरव भारत के सत्ता ढांचे से निकटता से जुड़े थे। सभी वीजा कांग्रेस शासन के दौरान जारी किए गए थे। जैसे ही पीएम मोदी सत्ता में आए, उसका भारत आना बंद हो गया। वह भारत यात्रा के दौरान अपने साथ उच्च स्तरीय पाकिस्तानी अधिकारियों को भी लाता था। एलिजाबेथ 2011 में अमेरिका से पाकिस्तान आई थीं। उनका तबादला भारत कर दिया गया था, लेकिन उन्हें वेतन अली तौकीर द्वारा दिया जाता रहा।”
‘जांच पर सारे ट्वीट डिलीट’
सरमा ने आगे कहा, “वह अपने ट्वीट्स में एलिज़ाबेथ कोलबर्न गोगोई को टैग करता था। जैसे ही जांच शुरू हुई, उसने अचानक अपने सारे ट्वीट डिलीट कर दिए। आम तौर पर पाकिस्तान का कोई व्यक्ति असम पुलिस की जांच से नहीं डरता, क्योंकि हम उस तक पहुंच नहीं सकते। लेकिन किसी को बचाने के लिए उसने अपने सारे ट्वीट हटा दिए और अपना ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया। क्यों? साफ है-किसी ऐसे व्यक्ति को बचाने के लिए जो असम में, भारत में है, क्योंकि असम पुलिस किसी तरह अली तौकीर तक सीधे नहीं पहुंच सकती। इससे आप दोनों के बीच का सीधा संबंध देख सकते हैं।”
मामले को केंद्रीय एजेंसी पर छोड़ा
उन्होंने बताया कि हमने सांसद गौरव गोगोई से पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में पूछताछ नहीं की है। पद की गरिमा का सम्मान करते हुए मामले को केंद्रीय एजेंसी पर छोड़ दिया है। यदि उन्हें गिरफ्तार करने जैसा कदम उठाया तो असम विधानसभा चुनावों से पहले राजनीति करने का आरोप लगेगा।
बता दें कि शनिवार को हिमंत बिस्वा सरमा ने एसआईटी (SIT) जांच को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की घोषणा की थी। यह विवाद पिछले साल फरवरी में शुरू हुआ था, जब असम के मुख्यमंत्री ने कहा था कि अली तौकीर शेख ने कई बार भारत का दौरा किया था।