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चार खिलाड़ी जो भारत के अगले टेस्ट कप्तान के तौर पर रोहित शर्मा को कर सकते हैं रिप्लेस

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डेस्क। मैच हारने के बाद रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की टेस्ट कप्तानी किस ओर जा रही है, यह देखने वाली बात होगी। पीटीआई की रिपोर्ट बताती है कि वेस्टइंडीज के दौरे के बाद रोहित शर्मा की कप्तानी पर फैसला लिया जा सकता है। अगर ‘हिटमैन’ उम्मीदों के हिसाब से प्रदर्शन करते हैं तो ठीक है, वरना सिलेक्शन कमेटी में शिवसुंदर दास और उनके साथी रोहित पर विचार विमर्श करने के लिए मजबूर होंगे।
रोहित की कप्तानी पर लटकी तलवार-
इसके अलावा रोहित 36 साल के हो चुके हैं और अगली टेस्ट चैंपियनशिप साइकल के अंत तक 38 साल के हो जाएंगे। क्या वे इतने लंबे समय तक खुद को खींच पाएंगे? एक बल्लेबाज के तौर पर भी रोहित की फॉर्म काफी गिरावट के दौर से जूझ रही है। ऐसे में क्या रोहित कप्तान की जिम्मेदारी लेना चाहेंगे? वैसे भी बताया गया है कि रोहित विराट कोहली द्वारा कप्तानी छोड़ने के बाद टेस्ट कमान नहीं संभालना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन बीसीसीआई चीफ सौरव गांगुली और सचिव जय शाह के कहने पर उन्होंने टेस्ट में भी यह जिम्मेदारी संभाली। जाहिर है, यह सब संकेत हैं कि रोहित शायद लंबे समय तक टेस्ट कप्तान नहीं बने रहेंगे। बीसीसीआई सूत्र ने स्पष्ट किया कि वेस्टइंडीज टूर के बाद अगला टेस्ट दौरा साउथ अफ्रीका का होगा तो सिलेक्टरों के पास रोहित पर सोचने के लिए काफी समय रहेगा। रोहित के विकल्प कौन-कौन हो सकते हैं
1. विराट कोहली-
निश्चित तौर पर विराट कोहली वह शख्स हैं, जिन्होंने खुद टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा दिया था, लेकिन तब हालात और बीसीसीआई मैनेजमेंट कुछ और थे, जो अब पूरी तरह से बदल चुके हैं। विराट ने आईपीएल के कुछ मैचों में फाफ डु प्लेसिस की जगह कप्तानी करके बताया है कि वह वापस मैदान में बतौर कप्तान आना आज भी जानते हैं। देखना होगा चयनकर्ता किस तरह से विराट से उनके सबसे पसंदीदा फॉर्मट के बारे में बात करते हैं।
2. अजिंक्य रहाणे-
अजिंक्य ने अपनी वापसी जिस तरह से की है और जिस तरह से भी लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम में टेस्ट मैच खेलने का एक विजन रखते हैं, उसके हिसाब से यह खिलाड़ी एक-दो सालों के लिए टेस्ट कप्तानी संभालने का भी इच्छुक होगा। रहाणे ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल मुकाबले में वापसी की है और भारत को ऑस्ट्रेलिया में फेमस टेस्ट सीरीज भी जिताई है। ‘वक्त और मौका देखे बिना दोनों ने विकेट गंवाया’, सुनील गावस्कर को आया रोहित और पुजारा पर गुस्सा’वक्त और मौका देखे बिना दोनों ने विकेट गंवाया’, सुनील गावस्कर को आया रोहित और पुजारा पर गुस्सा
3. रविचंद्रन अश्विन-
अश्विन वह शख्स है जो 92 टेस्ट मैच खेलने के बाद 474 विकेट ले चुके हैं लेकिन अभी भी उन्हें ओवरसीज टेस्ट में ज्यादा मौके नहीं मिलते हैं। अश्विन को ना खिलाने को लेकर टीम की हमेशा आलोचना हुई है। इस खिलाड़ी के पास काफी बेहतरीन क्रिकेट की जानकारी है। उन्होंने इंडिया ए के अलावा किंग्स इलेवन पंजाब की भी कप्तानी की हुई है।
4. शुभमन गिल-
वैसे तो नंबर चार पर ऋषभ पंत को निश्चित तौर पर होना था लेकिन उनकी चोट की अनिश्चितता ने यहां गिल का एक विकल्प दिया है। अगर भारतीय चयनकर्ता बहुत लंबे समय तक किसी टेस्ट कप्तान को देखना चाहते हैं तो गिल वो खिलाड़ी नजर आते हैं जो कम से कम एक दशक तक भारतीय क्रिकेट से ना हिलने की काबिलियत दिखा चुके हैं। गिल अगर कंसिस्टेंट रहे तो वे टीम इंडिया से कहीं नहीं बाहर जाने वाले। वे तीनों फॉर्मेट के प्लेयर हैं और केकेआर की टीम में वे लीडरशिप ग्रुप में भी शामिल रह चुके हैं। गिल ने देवधर ट्रॉफी के फाइनल में 2019-20 के दौरान इंडिया C की कप्तानी की थी और टीम को फाइनल तक पहुंचाया था। सूर्यकुमार यादव, दिनेश कार्तिक, मयंक अग्रवाल अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी इस टूर्नामेंट को उनकी कप्तानी में खेले थे।


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