कोलकाता। ईडी की टीम कोलकाता में दो जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है। इनमें एक जगह पार्थ चटर्जी का घर है, जबकि दूसरी जगह प्रसन्ना कुमार रॉय का दफ्तर है, जो इस मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी शिक्षक भर्ती घोटाले में पैसों के लेन-देन और उससे जुड़े सबूत जुटाने के लिए की जा रही है।
जांच एजेंसी ने बताया कि पार्थ चटर्जी को स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) भर्ती घोटाले में जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए तीन बार समन भेजा गया था, लेकिन उन्होंने एक बार भी हाजिर नहीं हुए। इसके बावजूद वे लगातार पूछताछ से बचते रहे।
इससे पहले ईडी ने जुलाई 2022 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार भी किया था। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से फरवरी-मार्च 2025 में सशर्त जमानत मिली थी। हालांकि, उनके खिलाफ अलग-अलग भर्ती मामलों, जैसे प्राथमिक शिक्षक, एसएससी असिस्टेंट टीचर और ग्रुप सी और डी स्टाफ की भर्ती, को लेकर ईडी के कई केस अभी भी चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी जांच का हिस्सा है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
नवंबर में हुए जमानत पर रिहा
बता दें कि शिक्षक भर्ती घोटाले में 23 जुलाई, 2022 को ईडी ने चटर्जी को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी उनकी सहयोगी अर्पिता चटर्जी के घर से 50 करोड रुपये नगदी व 11 किलो सोने की जब्ती के बाद हुई थी। गत नवंबर में पार्थ चटर्जी जमानत पर रिहा हुए हैं।