Home » देश » चुनाव से पहले CM ममता को झटका : बंगाल में चुनाव से पहले मुख्य सचिव-DGP को हटाया, कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत 6 अधिकारी बदले

चुनाव से पहले CM ममता को झटका : बंगाल में चुनाव से पहले मुख्य सचिव-DGP को हटाया, कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत 6 अधिकारी बदले

कोलकता। पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद, चुनाव आयोग ने सक्रियता दिखाई है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए, आयोग ने एक दिन पहले मुख्य सचिव और गृह सचिव के स्थानांतरण के बाद अब. . .

कोलकता। पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद, चुनाव आयोग ने सक्रियता दिखाई है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए, आयोग ने एक दिन पहले मुख्य सचिव और गृह सचिव के स्थानांतरण के बाद अब चार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का भी तबादला किया है। यह निर्णय चुनाव आयोग द्वारा ली गई सख्त कार्रवाई का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना है।

आयोग का आश्वासन: चुनाव होंगे शांतिपूर्ण

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव पूरी तरह से हिंसा मुक्त होंगे। उनकी योजना के अनुसार, राज्य में चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस दिशा में, चार प्रमुख पुलिस अधिकारियों के तबादले की जानकारी दी गई है।

तबादलों की सूची जारी

चुनाव आयोग ने जिन पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया है, उनमें चार वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सिद्ध नाथ गुप्ता (IPS – 1992) को महानिदेशक एवं सूचना एवं पुलिस प्रमुख (प्रभारी) के पद पर तैनात किया गया है। नटराजन रमेश बाबू (IPS – 1991) को सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। अजय मुकुंद रानाडे (IPS – 1995) को उप महानिदेशक एवं सूचना एवं पुलिस प्रमुख (कानून एवं व्यवस्था) का पद सौंपा गया है। इसके अलावा, अजय कुमार नंद (IPS – 1996) को कोलकाता पुलिस आयुक्त बनाकर तैनात किया गया है।

फौरन लागू करने के निर्देश

चुनाव आयोग ने आदेश दिया है कि इन अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू की जाए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने पर एक अनुपालन रिपोर्ट 16 मार्च तक भेजी जानी चाहिए। इस कदम से आयोग की दृढ़ता दिखाई देती है कि वह चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना चाहता है।

राज्य में सुरक्षा का विशेष ध्यान

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनावी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इससे पहले, मुख्य सचिव और गृह सचिव का भी तबादला किया गया है, जिससे यह स्पष्ट है कि आयोग लगातार राज्य में चुनावी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कोशिश कर रहा है। इस स्थिति में, चुनाव आयोग की यह सख्ती निश्चित ही राज्य के नागरिकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

चुनाव में शांति और सुरक्षा की बुनियाद

मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी उल्लेख किया कि चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए जो भी कदम उठाने की आवश्यकता होगी, वह आयोग द्वारा उठाए जाएंगे। इस दिशा में किए गए हालिया परिवर्तनों से यह स्पष्ट होता है कि आयोग चुनावी प्रक्रिया को लेकर बेहद गंभीर है।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम