भारत–नेपाल सीमा को तस्करी के कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल कर हीरे की बड़ी खेप ले जाने की साजिश को डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने नाकाम कर दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर बागडोगरा हवाई अड्डे पर छापेमारी कर लगभग 4 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे बरामद किए गए। इस मामले में दीपक कुमार मेहता, निवासी दिल्ली, को गिरफ्तार किया गया है।
तस्करी का रूट था काठमांडू से बागडोगरा
जांच में एक सुनियोजित तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोपी दीपक कुमार मेहता पहले दिल्ली से विमान द्वारा काठमांडू पहुंचा और फिर वहां से हीरे एकत्र करने के बाद वह नेपाल के आंतरिक विमान से भद्रपुर आया। इसके बाद सड़क मार्ग से पानीटंकी सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया। योजना थी कि बागडोगरा हवाई अड्डे से विमान पकड़कर दिल्ली पहुंचा जाए, लेकिन इससे पहले ही DRI ने उसे धर दबोचा।
4 करोड़ रुपये रूपये का हीरा मिला
DRI के अधिवक्ता रतन बनिक ने बताया कि एजेंसी को पहले से ही हीरा तस्करी की जानकारी थी। बागडोगरा हवाई अड्डे पर आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर उसे रोका गया। पूछताछ के दौरान जवाबों में विरोधाभास मिलने पर उसके बैग की तलाशी ली गई, जहां से एक छोटी पोटली में छिपाकर रखे गए हीरे मिले। बरामद हीरे का कुल वजन: 808.33 कैरेट यानि 161.66 ग्राम है, जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपये है।
24 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
आरोपी को सिलीगुड़ी महकमा अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने उसे 24 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। जांच एजेंसियां यह भी पड़ताल कर रही हैं कि इस तस्करी गिरोह से और कौन-कौन जुड़े हैं तथा क्या इसके अंतरराष्ट्रीय संपर्क भी हैं। DRI के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।