नई दिल्ली:। ‘जाको राखे साईयां मार सके न कोय…’ ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी। ऐसा ही एक घटनाक्रम टोक्यो से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में हुआ, जब एक महिला यात्री की जान मुश्किल में फंस गई। दरअसल, हुआ ये कि फ्लाइट हवा में थी तभी उस महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। उसके सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। अचानक सामने आए इस हालात को देखकर हर कोई सन्न रह गया। क्रू मेंबर्स भी घबराए हुए थे।
फ्लाइट में डॉक्टर ने ऐसे बचाई मरीज की जान
Doctor from Manipur Saves Passenger Mid-Air on Tokyo–Delhi Flight
— Neha Gurung (@nehaGurung1692) April 2, 2026
April 2, 2026 : A potentially life-threatening medical emergency aboard an Air India flight from Tokyo to New Delhi was averted due to the timely intervention of a Manipur-based doctor, ensuring the aircraft… pic.twitter.com/QwF2wvppQM
इस गंभीर परिस्थिति में मणिपुर की एक लेडी डॉक्टर उस महिला यात्री के लिए ‘भगवान’ बनकर सामने आईं। उन्होंने उस महिला की जांच के बाद अपने अनुभव से ऐसी दवाइयां दीं, जिससे उस यात्री की जान बच गई। महिला डॉक्टर ने जिस तरह से स्थिति को संभाला उसकी हर कोई तारीफ कर रहा। खास तौर से सोशल मीडिया यूजर्स उन महिला डॉक्टर को असली हीरो बता रहे हैं। यही नहीं यूजर्स अपने कमेंट कह रहे कि असली हीरो हमेशा वर्दी में नहीं होते हैं।
जानें कौन हैं डॉक्टर लोनी लिरीना
हम बात कर रहे डॉक्टर लोनी लिरीना की, जो वर्तमान में इंफाल के बाबिना स्पेशलिटी हॉस्पिटल, अमेरिकल ऑन्कोलॉजी इंस्टीट्यूट में क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट के रूप में कार्यरत हैं। 28 फरवरी, 2026 को लोनी लिरीना एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-357 में अन्य यात्रियों के साथ थीं। टोक्यो से दिल्ली की इस फ्लाइट में यात्रा को करीब आठ घंटे हो चुके थे। इसी दौरान जब विमान हवा में था तभी एक महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने लगी। हालात ऐसे हो गए कि फ्लाइट के क्रू मेंबर्स भी टेंशन में आ गए। कैसे महिला यात्री की जान बचाई जाए।
सीने में दर्द, सांस लेने में भी तकलीफ
हालात की गंभीरता को देखते हुए डॉ. लोनी लिरीना आगे बढ़ीं। उन्होंने एक विदेशी जूनियर डॉक्टर की सहायता से 21 वर्षीय इस महिला यात्री का इलाज किया, जिसे सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। डॉ. लिरीना ने बताया कि लैंडिंग से लगभग दो घंटे पहले तत्काल मेडिकल सहायता की घोषणा क्रू मेंबर्स की ओर से की गई थी। इसी के बाद मैं वहां पहुंची, तो चालक दल घबराया हुआ लग रहा था।
डॉ. लोनी लिरीना ने ऐसे संभाला मोर्चा
डॉ. लोनी लिरीना ने बताया कि युवती की हालत सच में बेहद गंभीर हो चुकी थी। जांच में पाया गया कि उसकी हृदय गति लगभग 160 बीट्स प्रति मिनट थी। इतना ही नहीं ब्लड प्रेशर भी कम था और ऑक्सीजन सैचुरेशन का लेवल लगभग 80 फीसदी था। डॉ. लिरीना ने तुरंत मेडिकल सहायता प्रदान की। ऑक्सीजन सपोर्ट दिया, नेबुलाइजेशन किया और आवश्यक दवाइयां दीं। लगभग 30 मिनट के भीतर यात्री की हालत स्थिर हो गई, जिससे फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग की आवश्यकता नहीं पड़ी।
युवती की तबीयत में सुधार, नहीं हुई फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
युवती की तबीयत स्थिर रहने की वजह से विमान तय समय पर नई दिल्ली में सुरक्षित रूप से उतरा। महिला डॉक्टर ने आगे कहा कि ईश्वर की कृपा से, यह ऐसी स्थिति है जिसका सामना हम अपने कार्यस्थल पर प्रतिदिन करते हैं। हमने विमान में उपलब्ध दवाओं का इस्तेमाल किया और सब कुछ ठीक ढंग से हो गया। जिस वजह से फ्लाइट अपने गंतव्य तक पहुंचने में सक्षम रहा।
‘असली हीरो हमेशा वर्दी में नहीं होते’
फ्लाइट में जिस तरह से महिला डॉक्टर ने एक युवती की जान बचाई, इस घटना को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया। इस पर यूजर्स जमकर रिएक्ट कर रहे। उन्होंने डॉक्टर के त्वरित एक्शन और महिला मरीज की जान बचाने की जमकर प्रशंसा की। एक यूजर ने महिला डॉक्टर की तारीफ में कहा कि ‘असली हीरो हमेशा वर्दी नहीं पहनते, वे बस तब मौजूद होते हैं जब जरूरत होती है।’ एक और यूजर ने लिखा, ‘मणिपुर के लिए यह गर्व का क्षण है और यह इस बात का प्रमाण है कि जीवन बचाने के प्रति समर्पण की कोई सीमा नहीं होती।’ एक और यूजर ने लिखा कि ‘आप सचमुच हीरो हैं’।