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देश मना रहा 77वां गणतंत्र दिवस, परेड में दिखेगी संस्कृति और सैन्य बाहुबल की झलक कर्तव्य पथ दुनिया देखेगी देश की ताकत

डेस्क। आज 77वां गणतंत्र दिवस है। इसी दिन भारतीय संविधान लागू हुआ और देश के नागरिकों को नए कानूनी और संवैधानिक अधिकार मिले। इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन माना जाता है। 26 जनवरी 1950 को अंग्रेजों द्वारा. . .

डेस्क। आज 77वां गणतंत्र दिवस है। इसी दिन भारतीय संविधान लागू हुआ और देश के नागरिकों को नए कानूनी और संवैधानिक अधिकार मिले। इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन माना जाता है। 26 जनवरी 1950 को अंग्रेजों द्वारा बनाए गए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 की जगह भारत का संविधान लागू हुआ था। भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को ही बनकर तैयार हो गया था। इसे संविधान सभा की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी। इसी ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देने के लिए संविधान लागू करने की तारीख भी 26 जनवरी चुनी गई।

कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाओं की झांकी

भारतीय सशस्त्र बल 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता से विजय’ शीर्षक से एक त्रिपक्षीय झांकी प्रस्तुत करेंगे। यह झांकी राष्ट्र के विकसित सैन्य सिद्धांत का एक सशक्त और आधिकारिक प्रतिनिधित्व होगी, जो सटीकता, एकीकरण और स्वदेशी श्रेष्ठता की ओर निर्णायक परिवर्तन का प्रतीक है। यह झांकी तीनों सेनाओं के तालमेल की गतिशीलता और सिलसिलेवार चित्रण के जरिए इस कहानी को जीवंत करती है।
शुरुआती भाग में भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को दिखाया जाएगा, जिसमें समुद्र पर नियंत्रण और दुश्मन को किसी भी ऑपरेशनल आजादी से निर्णायक रूप से रोकना शामिल होगा। झांकी के केंद्र में हमले की कहानी सामने आती है, जो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत के न्यू नॉर्मल को दिखाती है- तेजी से जवाब देना, कंट्रोल्ड तरीके से आगे बढ़ना और बिना किसी चूक के सटीकता। ऑपरेशन सिंदूर का हर चरण एकजुटता और इंटीग्रेशन की परिपक्वता को दिखाता है, जिसमें सभी क्षेत्रों में इंटेलिजेंस को मिलाया गया, टारगेट सटीकता से चुने गए और कम से कम नुकसान के साथ मकसद हासिल किए गए। यह कहानी एक मजबूत राष्ट्रीय संकल्प को पक्का करती है कि आतंकवाद और खून-खराबा एक साथ नहीं चलेंगे और जो लोग आतंकवाद को बढ़ावा देंगे या पनाह देंगे, उन्हें तेज, सटीक और भारी नतीजों का सामना करना पड़ेगा।

देश आज मना रहा 77वां गणतंत्र दिवस

-राजधानी में कर्तव्य पथ पर आयोजित होगी परेड
-गणतंत्र दिवस परेड में इस बार नजर आएंगे कई बदलाव
-परेड में पहली बार होंगे दो चीफ गेस्ट
-CRPF की पुरुष रेजिमेंट का नेतृत्व करेंगी महिला अधिकारी
-पहली बार दिखाया जाएगा बैटल एरे डिस्प्ले
-सेना का खास पशु दस्ता भी पहली बार दिखेगा मार्च करते हुए
-पहली बार नदियों के नाम पर रखे गए दर्शक दीर्घाओं के नाम
-कर्तव्य पथ पर परेड में शामिल होगी भारतीय सिनेमा की झांकी
-तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी में दिखेगी सशस्त्र बलों की एकता
-परेड में शामिल होगा इंडोनेशिया का मार्चिंग दल और सैन्य बैंड
-सिक्योरिटी में AI लैस स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल करेगी दिल्ली पुलिस
-CCTV कैमरों में फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम और अपराधियों का डाटा

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