नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच भारत में लॉकडाउन और ईंधन की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पूर्ण विराम लगा दिया है। सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू किरेन रिजिजू और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और जनता को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।
भ्रम की स्थिति क्यों बनी?
दरअसल, यह अफवाह प्रधानमंत्री मोदी के उस हालिया संसद बयान के बाद शुरू हुई थी, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के लंबे प्रभावों की चेतावनी दी थी। उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए एकजुट रहने की बात कही थी, जिसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से ‘लॉकडाउन’ से जोड़कर प्रचारित किया जाने लगा।
पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं
इस वक्त लगभग सभी देशों की नजरें मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव पर है, क्योंकि इससे लगभग सभी देशों में एलपीजी गैस से लेकर पेट्रोल-डीजल की दिक्कतें हो रही हैं। भारत में भी लोगों को एलपीजी लेने में किल्लतें हो रही हैं और कई बार तो पेट्रोल-डीजल को लेकर ऐसी अफवाहें उड़ने लगती हैं कि लोग पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगा लेते हैं।
हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि हमारे पास एलपीजी गैस या पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है। इसी बीच एक चर्चा और तेजी से हो रही है और वो ये कि देश में लॉकडाउन लग सकता है। शायद आपने भी ये बातें किसी न किसी से सुनी ही होंगी? वहीं, अब इस पर सरकार का जवाब आ गया है और सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। चलिए जानते हैं सरकार ने लॉकडाउन लगने वाली खबरों पर क्या कहा है…
हरदीप सिंह पुरी भी कर चुके हैं लॉकडाउन की अफवाहों का खंडन
भारत सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृति गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी बीते दिन एक पोस्ट कर कहा कि ‘भारत में लॉकडाउन लगने की अफवाहें पूरी तरह से गलत हैं। मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई भी प्रास्ताव विचाराधीन नहीं है।’