नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के फेज 2 में कंपनी के कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारी हिंसक हो गए। नाराज कर्मचारियों ने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद एक कार में आग लगा दी। मदरसन कंपनी के पास प्रदर्शन में कंपनियां के कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी के साथ पहले तोड़फोड़ की उसके बाद पुलिस की गाड़ी को भी पलट दिया।
पत्थरबाजी के साथ गाड़ियों में तोड़फोड़
नोएडा में लगातार चौथे दिन भी कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी है। कंपनी के कर्मचारियों ने हिंसक रूप दिखाते हुए सोमवार को गाड़ियों में आग लगा दी। साथ ही संपत्तियों को नुकसान भी पहुंचाया है। इस दौरान नाराज कर्मचारियों ने जमकर पत्थरबाजी भी की। कंपनी के बड़ी संख्या में कर्मचारी वेतन बढ़ोतरी की अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए थे। स्थिति को काबू में करने के लिए यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
नाराज कर्मचारियों ने कार में लगाई आग
#WATCH | Uttar Pradesh: Vehicles and properties vandalised and stones pelted in Phase 2 of Noida where a large number of employees of a company gathered in protest over their demands for a salary increment. Heavy Police deployment made here to bring the situation under control.… pic.twitter.com/1B0axJZSBN
— ANI (@ANI) April 13, 2026
कंपनी के मैनेजमेंट से नाराज कर्मचारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ के बाद एक कार में आग लगा दी। काले रंग की कार धू-धू कर जलने लगी। इससे वहां पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात है।
बता दें कि नोएडा फेज-2 स्थित कंपनियों के सैकड़ों कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर पिछले तीन-चार दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट और एसएनडी समेत करीब छह होजरी कंपनियों के कर्मचारी काम बंद कर सड़कों पर उतर आए हैं। कर्मचारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे नोएडा-दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात प्रभावित हुआ है।
कर्मचारियों का आरोप है कि हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद नोएडा की कंपनियां वेतन वृद्धि देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कर्मचारियों के लिए समान वेतन, ओवरटाइम पर डबल भुगतान, समय पर सैलरी और कार्यस्थल पर सुरक्षा तथा उत्पीड़न के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने कंपनियों से लिखित आश्वासन की भी मांग की है।