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पश्चिम बंगाल विधानसभा में 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश, चुनावी बजट में गिग वर्कर्स की भी चांदी, ममता सरकार ने खोला खजाना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने बृहस्पतिवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और राज्य कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने बृहस्पतिवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और राज्य कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि फरवरी से 500 रुपये बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बेरोजगार युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ नाम से एक नई योजना शुरू करने की भी घोषणा की। इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बेरोज़गारों को प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा।यह सहायता राशि युवाओं को नौकरी मिलने तक या अधिकतम पांच वर्ष की अवधि तक, जो भी पहले हो, जारी रहेगी।
इसके अलावा भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मासिक मानदेय राशि में 1,000 रुपये की वृद्धि की भी बजट में घोषणा की गई।

क्या है बंगाल बजट की अन्य बड़ी घोषणाएं?

पश्चिम बंगाल बजट में केवल महिलाओं ही नहीं, बल्कि अन्य वर्गों पर भी फोकस किया गया है. गिग वर्कर्स यानी जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों को अब ‘स्वास्थ्य साथी’ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा आंगनवाड़ी वर्कर्स और सहायिकाओं के मानदेय में अप्रैल 2026 से 1000 रुपये की वृद्धि की जाएगी. बेरोजगारी दूर करने के लिए युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह का भत्ता देने की नई योजना भी शुरू होगी।

‘लक्ष्मी भंडार’ के बदले समीकरण

लक्ष्मी भंडार योजना ममता बनर्जी की सबसे सफल योजनाओं में से एक मानी जाती है. वर्तमान में इसमें सामान्य वर्ग को 1000 और एससी-एसटी वर्ग को 1200 रुपये मिलते हैं। अब 500 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी के बाद यह राशि और बढ़ जाएगी। जानकारों का मानना है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महिलाओं के भारी मतदान ने एनडीए की जीत तय की थी। इसी पैटर्न को देखते हुए बंगाल में भी तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।

महिलाओं को लुभाने की मची होड़

आजकल राजनीति में महिलाएं नई ‘किंगमेकर’ बनकर उभरी हैं। पश्चिम बंगाल ही नहीं, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी यही ट्रेंड दिख रहा है। महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत 2.5 करोड़ महिलाओं को दिसंबर और जनवरी की किस्त एक साथ देने का फैसला किया है। तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने भी ‘कलैग्नार मगलिर उरीमई थिट्टम’ योजना का दायरा बढ़ा दिया है. सभी पार्टियां जानती हैं कि महिलाओं का वोट जीत की गारंटी है।

अंतरिम बजट में वित्त मंत्री की बड़ी घोषणाएं

पश्चिम बंगाल सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 4 प्रतिशत बढ़ाया जायेगा।
आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में 1,000 रुपए की बढ़ोतरी होगी।
पश्चिम बंगाल सरकार ने फरवरी से महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना के तहत हर महीने 500 रुपए का अनुदान देने का प्रस्ताव किया।
पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले पेश किए गए अंतरिम बजट में सामाजिक कल्याण, रोजगार सहायता और जमीनी स्तर के कर्मचारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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