नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल जाने वाले हैं। अपनी इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत, इजरायल के साथ अटूट मित्रता को बहुत महत्व देता है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं इस यात्रा के दौरान होने वाली चर्चाओं को लेकर उत्सुक हूं।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायल के प्रधानमंत्री द्वारा किए गए पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि मेरे मित्र, प्रधानमंत्री नेतन्याहू, भारत और इजरायल के बीच की दोस्ती और हमारे द्विपक्षीय संबंधों की विविधता पर मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूं। भारत इजरायल के साथ अटूट मित्रता को बहुत महत्व देता है, जो विश्वास, नवाचार और शांति एवं प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा कि अपनी आगामी इजरायल यात्रा के दौरान आपसे होने वाली चर्चाओं के लिए मैं उत्सुक हूं। इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा था कि आज सुबह कैबिनेट बैठक के दौरान मैंने अपने प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी बुधवार को होने वाली ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के बारे में बात की।
उन्होंने आगे लिखा कि इजरायल और भारत के बीच का संबंध दो वैश्विक नेताओं का एक सशक्त गठबंधन है। हम नवाचार, सुरक्षा और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में भागीदार हैं। साथ मिलकर, हम स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्रों का एक गठबंधन बना रहे हैं। एआई से लेकर क्षेत्रीय सहयोग तक, हमारी साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। यरूशलम में आपसे मिलने की प्रतीक्षा रहेगी, प्रधानमंत्री मोदी!
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के लिए 25 फरवरी को इजरायल पहुंचेंगे, जो 2017 की उनकी ऐतिहासिक यात्रा के बाद देश की उनकी दूसरी यात्रा होगी।
पीएम मोदी की यह विदेश यात्रा 2017 की ऐतिहासिक यात्रा के लगभग नौ साल बाद हो रही है, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा इजरायल की पहली यात्रा थी और जिसने रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और नवाचार के क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत किया था।
पिछले कई दिनों से मीडिल-ईस्ट में युद्ध की आहत है। चाहे सीरिया हो, इजरायल, इराक, ईरान हो या फिर फिलिस्तीनी। सभी देश युद्ध के संकट के मुहाने पर खड़े हैं। अमेरिका ने कभी भी ईरान पर हमले की धमकी दे दी है। इस बीच पीएम मोदी इजरायल जाने वाले हैं। पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम मोदी की यह इजरायल यात्रा भले ही थोड़ी अलग लग रही हो लेकिन इस दौरे का रणनीतिक महत्व है। यह भारत का सधा हुआ कदम है।
दरअसल, आगामी 25 फरवरी से पीएम मोदी इजरायल यात्रा पर जा रहे हैं। पीएम मोदी प्रधान मंत्री के रूप में दूसरी बार इजरायल जा रहे हैं। इससे पहले वह साल 2017 में इजरायल गए थे। इजरायल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधान मंत्री का रिकॉर्ड भी पीएम मोदी के नाम है। भारत के संबंध इजरायल से हमेशा बेहतर रहे हैं।
यरूशलेम इस यात्रा को एक “विशाल शक्ति” के साथ “महान गठबंधन” के रूप में पेश कर रहा
रणनीतिक और विदेश मामलों के जानकार ब्रह्म चेलानी का कहना है कि नेतन्याहू की 2025 में भारत यात्रा तीन बार स्थगित हो चुकी है। उनके आने का इंतजार करने के बजाय, मोदी बुधवार को इजरायल की यात्रा पर जा रहे हैं, ऐसे समय में जब डोनाल्ड ट्रम्प ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि वह ईरान पर सैन्य हमले करने पर विचार कर रहे हैं – एक ऐसा कदम जो लगभग निश्चित रूप से इजरायल को एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में खींच लेगा। पहली नजर में, संभावित युद्ध क्षेत्र का दौरा करना तर्कहीन लग सकता है। वास्तव में, यह यात्रा नई दिल्ली की ओर से एक सोची-समझी रणनीतिक चेतावनी है।
ब्रह्म चेलानी ने पोस्ट में कहा कि इजरायल की राजधानी यरूशलेम इस यात्रा को एक “विशाल शक्ति” के साथ “महान गठबंधन” के रूप में पेश कर रहा है। नई दिल्ली में अरब विदेश मंत्रियों की मेजबानी के महज चार सप्ताह बाद इजरायल की यात्रा करके, मोदी भारत की मध्य पूर्व संबंधी गतिविधियों में संतुलन बहाल कर रहे हैं – एक साल की देरी के बाद इजरायल के साथ संबंधों को स्थिर कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महत्वपूर्ण रक्षा और प्रौद्योगिकी परियोजनाएं पटरी पर बनी रहें।