नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया की धरती पर दिए संबोधन में तमिलनाडु का असर दिखा। प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उन नेताओं के नाम भी गिनाए, जिनका संबंध तमिलनाडु से है। इसमें उप राष्ट्रपति, विदेश मंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने जब मंच से तमिलनाडु के प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता, निर्माता और राजनीतिज्ञ एमजी रामचंद्रन (MGR) का नाम लिया तो कुआलालंपुर के कार्यक्रम स्थल पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। पीएम मोदी के इस संबोधन को तमिलनाडु चुनाव (Tamilnadu Assembly Election 2026) से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आइए जानते हैं पीएम मोदी ने क्या कहा और उसे चुनाव से क्यों जोड़कर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने मलेशिया में क्या कहा?
तमिल साहित्य शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है। तमिल भारत को विश्व से जोड़ती है।
सीपी राधाकृष्णन, एस जयशंकर, एल मुरुगन, निर्मला सीतारमण तमिलनाडु से हैं।
हमारी भाषाओं और मलय भाषा के बहुत सारे शब्द समान हैं।
मलेशिया में भारत के सभी हिस्सों से लोग हैं, सांस्कृतिक एकता के धागे हमें मजबूती से बांधते हैं।
मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम प्रसिद्ध गायक एमजीआर के तमिल गानों को पसंद करते हैं।
तमिल डायस्पोरा के लोग मलेशिया की अलग-अलग सोसायटी में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
तमिल भारत का दुनिया को दिया गया तोहफा है, हमारी ताकत विविधता में एकता को समझने में है।
कब खत्म हो रहा है विधानसभा का कार्यकाल?
बता दें कि इस साल पश्चिम बंगाल के साथ-साथ तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव हैं। बता दें कि 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। इससे पहले यहां नई विधानसभा का गठन होना जरूरी है। जिसे देखते हुए ही चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मलेशिया में कितने % भारतीय मूल के लोग?
रिपोर्ट्स के मुताबिक मलेशिया में लगभग 20 लाख से लेकर 29 लाख तक (2.0 to 2.9 Million) भारतीय मूल (Indian Origin) के लोग रहत हैं। अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाद मलेशिया ऐसा तीसरा देश हैं, जहां सबसे ज्यादा भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इनमें से ज्यादातर (Tamil) तमिल हैं। मलेशिया की कुल आबादी (3.5 करोड़) में भारतीय मूल के लोगों की संख्या 7 से 9 प्रतिशत है।