भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस मुख्यालय (PHQ) के ठीक सामने मांस से लदे एक ट्रक के पकड़े जाने के बाद सांप्रदायिक तनाव और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। हिंदूवादी संगठनों के तीखे विरोध और गोमांस की आशंका के चलते नगर निगम ने संबंधित स्लॉटर हाउस को सील कर दिया है।
बुधवार की रात पीएचक्यू के पास हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने एक संदिग्ध ट्रक को रोका था। जांच करने पर उसमें भारी मात्रा में मांस के पैकेट बरामद हुए। संगठनों का आरोप है कि करीब 26 टन मांस को हैदराबाद और मुंबई के रास्ते विदेश भेजने की तैयारी थी।
जांच रिपोर्ट पर संशय और प्रदर्शन
गुरुवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का दावा है कि गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट में गोमांस (Beef) होने की पुष्टि हो चुकी है।
“प्रशासन हमें गुमराह कर रहा है। तीन दिन का समय मांगा गया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। हमें पता चला है कि रिपोर्ट में गोमांस की बात सामने आई है, जिसे दबाने की कोशिश हो रही है।”–भानु हिंदू, जय मां भवानी संगठन
प्रशासनिक और पुलिसिया कार्रवाई
माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर निगम ने विवादित स्लॉटर हाउस की गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोकते हुए उसे सील कर दिया है। पुलिस स्लॉटर हाउस के संचालक असलम चमड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस सप्लाई चेन और परिवहन के कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक गोमांस होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक प्रयोगशाला की अंतिम रिपोर्ट और कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
सप्लाई चेन पर सवाल
हिंदू संगठनों का आरोप है कि भोपाल में एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है जो अवैध तरीके से मांस की तस्करी कर रहा है। पकड़े गए ट्रक की पैकिंग और रूट इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह बड़े पैमाने पर निर्यात का हिस्सा था। फिलहाल भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कमिश्नर कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। जनता की नजरें अब फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस विवाद की दिशा तय करेगी।