Universe TV
हर खबर पर पैनी नजर

मणिपुर में हिंसा थमी, कर्फ्यू जारी : इंटरनेट-मोबाइल और ट्रेनें बंद, दंगाइयों को गोली मारने के आदेश, सुरक्षा में जवान मुस्तैद

- Sponsored -

- Sponsored -


नई दिल्ली। मणिपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति के बाद, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मणिपुर जाने वाली सभी ट्रेनों को रोक लगा दी है। एनएफ रेलवे के सीपीआरओ सब्यसाची डे ने कहा, स्थिति में सुधार होने तक कोई ट्रेन मणिपुर में प्रवेश नहीं कर रही है। मणिपुर हिंसा पर भारतीय सेना ने बताया कि, अब मणिपुर में हालात नियंत्रण में हैं।
मणिपुर हिंसा : इंटरनेट के बाद अब ट्रेनें रद्द, सुरक्षा में जवान मुस्तैद
Manipur Violence मैती समुदाय को लेकर मणिपुर में भड़की हिंसा ने विकराल रूप ले लिया है। मणिपुर राज्य सरकार ने हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में धारा 144 लागू है। और सर्तकता बरतते हुए अगले पांच दिन के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। इंटरनेट बाद अब मणिपुर में करीब सभी ट्रेनें आज से रद कर दी है। मणिपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति के बाद, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मणिपुर जाने वाली सभी ट्रेनों को रोक लगा दी है। एनएफ रेलवे के सीपीआरओ सब्यसाची डे ने कहा, स्थिति में सुधार होने तक कोई ट्रेन मणिपुर में प्रवेश नहीं कर रही है। मणिपुर सरकार द्वारा ट्रेन की आवाजाही रोकने की सलाह के बाद यह निर्णय लिया गया है। भारतीय रेलवे ने बताया कि, चार ट्रेनों को रद्द किया गया है। यह फैसला फिलहाल दो दिन (5 और 6 मई) के लिए लिया गया है।
सेना-असम राइफल्स का फ्लैग मार्च
हिंसा प्रभावित मणिपुर में सेना और असम राइफल्स ने गुरुवार को फ्लैग मार्च किया। इसके साथ ही मौजूदा स्थिति को देखते हुए मणिपुर सरकार ने शूट एट साइट ऑर्डर जारी किया है। मणिपुर में हिंसा पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सैनिकों को हवाई मार्ग से मणिपुर लाए गया है।
अब मणिपुर में हालात नियंत्रण में – सेना
मणिपुर हिंसा पर भारतीय सेना ने बताया कि, अब मणिपुर में हालात नियंत्रण में हैं। सभी कर्मचारियों के मिलकर कार्रवाई करने से हालात को काबू में लाया जा सका है। भारतीय सेना के अनुसार, वायु सेना ने C17 ग्लोबमास्टर और AN 32 वायुयानों से लगातार दो दिन असम में उड़ानें भरीं। प्रभावित क्षेत्रों से सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रातभर उड़ानें भरी गईं। चुराचांदपुर और अन्य संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च जारी है।
संकट की घड़ी में मणिपुर सरकार को पूरा समर्थन – असम मुख्यमंत्री
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहाकि, मणिपुर में हाल की घटनाओं से प्रभावित कई परिवारों ने असम में शरण ली है। मैंने कछार के जिला प्रशासन से इन परिवारों की देखभाल करने का अनुरोध किया है। मैं मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ भी लगातार संपर्क में हूं और इस संकट की घड़ी में असम सरकार ने पूरा समर्थन देने का संकल्प लिया है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
मणिपुर हिंसा के बीच लोगों की किसी भी प्रकार की सहायता की जरूरत होने पर उनके लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर एक्टिव किए हैं। मणिपुर और इंफाल शहर में नागालैंड के लोगों के लिए किसी को भी सहायता की जरूरत पड़ती है तो राज्य पुलिस नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं। मेघालय के बाद, नागालैंड ने भी राज्य के उन लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जो मणिपुर में फंसे हुए हैं।
मणिपुर में हाल की घटनाओं से प्रभावित कई परिवारों ने असम में शरण ली है। मैंने कछार के जिला प्रशासन से इन परिवारों की देखभाल करने का अनुरोध किया है। मैं मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ भी लगातार संपर्क में हूं और इस संकट की घड़ी में असम सरकार ने पूरा समर्थन देने का संकल्प लिया।
त्रिपुरा सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
त्रिपुरा सीएम माणिक साहा ने ट्वीट किया कि, त्रिपुरा सरकार ने मणिपुर में हाल की घटनाओं के संबंध में त्रिपुरा के निवासियों को 24×7 आधार पर सहायता प्रदान करने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
मामला क्या है जानें
मणिपुर में स्थिति उस समय खराब हो गई जब हजारों आदिवासियों ने मणिपुर के ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन (एटीएसयूएम) के बुलाए गए मार्च में सभी 10 पहाड़ी जिलों में मैती समुदाय को एसटी श्रेणी में शामिल करने की मांग का विरोध किया। मीतेई (मीतेई) ट्रेड यूनियन द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए मणिपुर हाई कोर्ट ने 19 अप्रैल को राज्य सरकार को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के लिए याचिकाकर्ताओं के मामले पर शीघ्रता से विचार करने का निर्देश दिया था।


- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

Comments are closed.