जबलपुर। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है। क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना? विकास की सौगात से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तक, बजट की हर बड़ी घोषणा और उसका आपकी जेब पर होने वाला सीधा असर देखिए हमारे इस न्यूज में।
सिंहस्थ 2028 के लिए ‘विशेष फंड’ का प्रावधान
उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। चूंकि केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए अलग से राशि नहीं मिली थी, इसलिए राज्य सरकार ने अपने बजट में सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे कर लिए जाएं।
किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना से ₹12,000 की मदद
वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में किसान परिवारों को ‘किसान सम्मान निधि’ और ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना’ के संयोजन से प्रति वर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी मदद मिल रही है।
अन्नदाताओं के लिए बड़ी सौगात: 1 लाख सोलर पंप
किसानों के लिए मोहन सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। सिंचाई की समस्या को दूर करने और खेती की लागत कम करने के लिए ₹3,000 करोड़ की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कदम न केवल बिजली की बचत करेगा, बल्कि किसानों को दिन में भी सुचारू सिंचाई की सुविधा प्रदान करेगा।
मोहन सरकार का बड़ा लक्ष्य: ‘हर हाथ को काम’
बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बजट का मूल उद्देश्य मध्य प्रदेश के हर हाथ को काम देना और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है। सरकार कौशल विकास और नए उद्योगों को प्रोत्साहन देकर बेरोजगारी दर को कम करने के लिए विशेष रोडमैप पेश कर रही है।
पूजा-अर्चना के बाद विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री
मध्य प्रदेश का सातवां बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने निवास पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। देवड़ा ने कहा कि यह बजट “सर्वजन सुखाय, सर्वजन हिताय” की भावना पर आधारित है। वित्त मंत्री अब विधानसभा पहुंच चुके हैं और कुछ ही देर में डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट भाषण शुरू होगा।
बजट पेश करने की तैयारी, विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सुबह 11 बजे विधानसभा में राज्य का वित्तीय लेखा-जोखा पेश करेंगे। बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें बजट के अंतिम प्रस्तावों पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। इस बार के बजट को लेकर राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है।
बजट से पहले विधानसभा में विपक्ष का हंगामा
मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट पेश होने से पहले जोरदार हंगामा हुआ है। नेता प्रतिपक्ष गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार कर्ज लेकर घी पी रही है। मध्य प्रदेश में पर बजट से अधिक का कर्ज हो गया है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि हम कर्ज लेकर पूंजीगत निवेश कर रहे हैं।
कैंसर और हार्ट पेशेंट्स के लिए बड़ी राहत
बजट में मेडिकल कॉलेजों के अंदर सुपर-स्पेशियलिटी विभागों के विस्तार पर जोर दिया जाएगा। स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) संस्थानों की स्थापना की घोषणा संभव है। इससे प्रदेश के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
पहली बार पेश होगा ‘रोलिंग बजट’
मध्य प्रदेश सरकार इस बार वित्तीय नवाचार करते हुए पहली बार ‘रोलिंग बजट’ का कॉन्सेप्ट ला रही है। इसमें केवल एक साल नहीं, बल्कि अगले तीन सालों (2026-27 से 2028-29) की वित्तीय योजना पेश की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य लंबी अवधि की परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और चुनावी रोडमैप को मजबूती प्रदान करना है।
एमपी बनेगा देश का ‘वेलनेस डेस्टिनेशन’
पर्यटन और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन से खजुराहो तक 12 ‘आस्था और वेलनेस हब’ विकसित किए जाएंगे। ‘आयुष वीजा’ की सुविधा के जरिए सरकार विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करने की योजना बना रही है। इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
किसानों के लिए अलग कृषि बजट की उम्मीद
मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसानों के लिए मोहन सरकार अलग से बड़े प्रावधान कर सकती है। आधुनिक खेती की तकनीकों, फसल बीमा के सरलीकरण और सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार पर वित्त मंत्री का विशेष फोकस रहने वाला है। किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर कुछ नई सब्सिडी योजनाओं का ऐलान भी हो सकता है।
बुजुर्गों की पेंशन में पारदर्शिता का वादा
वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन पाना अब और भी आसान होगा। प्रोफेसर शरद नाइक जैसे बुजुर्गों की मांग पर, सरकार पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने का ऐलान कर सकती है। समय पर पेंशन और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन और सुरक्षा उपायों को बजट में जगह मिल सकती है।
महिला सशक्तिकरण के लिए नए वित्तीय प्रावधान
लाड़ली बहना योजना की सफलता के बाद सरकार महिलाओं के लिए कुछ नई स्वरोजगार योजनाओं की घोषणा कर सकती है। बजट में महिला स्वयं सहायता समूहों को कम ब्याज पर कर्ज देने और शहरी क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और सुरक्षा सुविधाओं को बढ़ाने का प्रावधान शामिल होने की संभावना है।
2 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ किया है कि राज्य की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना उनकी प्राथमिकता है। यह बजट ‘विकसित एमपी 2047’ की बुनियाद रखेगा। कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए नए एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए भारी बजट आवंटन की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएम का बयान- ‘प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि’
बजट पेश होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक सेहत पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन के कारण लोगों की आमदनी में सुधार हुआ है। सीएम के इस बयान को बजट में आने वाले सकारात्मक आंकड़ों की पूर्व सूचना के तौर पर देखा जा रहा है।
पंचायत और निकाय चुनाव का ‘चुनावी’ तड़का
अगले साल होने वाले स्थानीय चुनावों को देखते हुए सरकार ग्रामीण विकास के लिए खजाना खोल सकती है। गांवों में सड़कों का जाल बिछाने, स्वच्छ जल की आपूर्ति और पंचायत भवनों के आधुनिकीकरण के लिए बजट में बड़ी राशि आवंटित की जाएगी ताकि वोटर्स के बीच मजबूत पैठ बनाई जा सके।
पिछले बजट से कितनी बड़ी है इस बार की तैयारी?
अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2024-25 का बजट 3.65 लाख करोड़ और 2025-26 का बजट 4.21 लाख करोड़ था। इस बार 4.65 लाख करोड़ का आंकड़ा यह बताता है कि सरकार की खर्च करने की क्षमता और राजस्व वसूली दोनों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।